आज से सजेगा बाबा का दरबार
श्रावणी मेला. अशोकधाम में पहली सोमवारी को ले प्रशासन ने की तैयारी... आज से बिहार का देवघर कहे जाने वाले श्रीइंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोक धाम में बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खुल जायेगा़ सावन महीने का पहला दिन और पहली सोमवारी पर शिवभक्ताें की भीड़ को लेकर मंदिर प्रशासन व जिला प्रशासन की ओर […]
श्रावणी मेला. अशोकधाम में पहली सोमवारी को ले प्रशासन ने की तैयारी
आज से बिहार का देवघर कहे जाने वाले श्रीइंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोक धाम में बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खुल जायेगा़ सावन महीने का पहला दिन और पहली सोमवारी पर शिवभक्ताें की भीड़ को लेकर मंदिर प्रशासन व जिला प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी की गयी है.
लखीसराय : आज से शुरू हो रहा सावन माह और पहली सोमवारी को लेकर प्रशासनिक पदाधिकारी किसी भी स्थिति में मेले की तैयारियों में त्रुटि नहीं देखना चाह रहे हैं. जिला प्रशासन ने सावन के सोमवार को लगने वाले मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था रविवार से ही चौकस कर दी है़ अशोक धाम जाने के रास्ते में बालगुदर मोड़ से अशोक धाम होते हुए बीएड कॉलेज पथ सहित शहर की मुख्य सड़कों पर पुलिस की तैनाती कर दी गई है़ शहर में मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति नहीं बने इसके लिए मुख्य सड़क पर दो-दो सौ मीटर की दूरी पर होमगार्ड के जवानों को लगाया गया जो, जाम की स्थिति नहीं बनने दे रहे़
जैसे ही कोई गाड़ी रूकती है जवान उसे आगे बढ़ाने के लिए तत्परता दिखा रहे हैं. शनिवार की बैठक में भी डीएम ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष चिंता जतायी थी़ वहीं अशोक धाम में लगने वाले सोमवारी मेले को देखते हुए डाक विभाग द्वारा सेवा शिविर तो एसबीआई द्वारा पेयजल की व्यवस्था की गई है़ वहीं दूसरी ओर अशोक धाम मंदिर परिसर में श्रीइंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर परसिर स्थित कार्यालय के पास भी सेवा शिविर का आयोजन किया गया है़ यहां बता दें कि अशोक धाम मंदिर में प्रत्येक सोमवार को जिला तथा आसपास के जिलों के श्रद्धालु जलार्पण करने के लिए उमड़ते हैं. अनेक श्रद्धालु सिमरिया से जलभर कर लगभग 30 किलोमीटर की पदयात्रा कर बाबार इंद्रदमनेश्वर महादेव पर जलार्पण करते हैं. वहीं कई श्रद्धालु बड़हिया स्थित कॉलेज घाट से भी जलभकर पैदल अशोक धाम पहुंचते हैं. सोमवार की अहले सुबह से ही अशोक धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो जाती है़ जिसको लेकर सोमवार को प्रशासन को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है़ वैसे इस बार प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अनेक उपाय कर रखा है जिसमें मंदिर के गर्भगृह में महिला पुरूषों की अलग-अलग कतारें लगाना, वृद्धों व नि:शक्तों को पश्चिम दरवाजे से प्रवेश कराना आदि शामिल हैं.
