बैठक. नगर परिषद ने शहरी स्वच्छता कार्यबल का किया गया गठन
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन शहरी के समुचित कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण के लिये शहरी स्वच्छता कार्यबल का गठन किया है. इस दौरान शहर की साफ-सफाई के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गयी.
लखीसराय : मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में मुख्य पार्षद अरविंद पासवान की अध्यक्षता में शहरी स्वच्छता कार्यबल की पहली बैठक हुई. इस दौरान शहर की स्वच्छता पर विचार विमर्श कर साफ-सफाई के लिये कई सुझाव दिये गये. जिससे स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम सफल हो सके. शहरी स्वच्छता कार्यबल में मुख्य पार्षद, नगर परिषद के सफाई निरीक्षक बबन कुमार सिंह, प्रबंधक अमित कुमार सिन्हा, चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव सुवीन कुमार वर्मा,
लायंस क्लब के सचिव सीताराम सिंह, सफाई कर्मचारी प्रतिनिधि संजय अनुरागी, रोटरी क्लब के सचिव डॉ संतोष कुमार, चिकित्सक रामानुज प्रसाद सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य विजेंद्र प्रसाद सिंह, जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष त्रिलोचन सिंह चावला को नामित किया गया. बैठक में मुख्य पार्षद श्री पासवान ने कहा कि सदस्यों के सुझाव पर पार्षद कार्य करेंगे. बैठक में सदस्यों ने वार्ड संख्या 8 स्थित जिला निबंधन कार्यालय के पास स्थित तालाब की सौंदर्यीकरण पर चर्चा की गयी. जिस पर अध्यक्ष ने कहा कि जिला निबंधन कार्यालय से एनओसी की मांग की गयी है, जिसके प्राप्त होने के बाद नप उक्त तालाब का सौंदर्यीकरण कार्य प्रारंभ करेगा.
बैठक में विभिन्न मीडिया हाउस से भी इस संबंध में शहर में होर्डिंग लगाने का आग्रह किया जाय और इसके लिए नप उन्हें जगह उपलब्ध करायेगा. बैठक में चिकित्सक डॉ रामानुज ने कहा कि शहर में स्थित सभी क्लिनिकों से मेडिकल कचरा उठाव के लिए एक कर्मी के नियुक्त करने की बात कही और उक्त कचरे को इस कार्य से जुड़े किसी एनजीओ से वार्ता कर उसे इस कचरे को नष्ट करने की जिम्मेदारी दी जाय, जिससे ऐसे हानिकारक कचरे से शहर को बचाया जा सके. इसके साथ ही केआरके हाई स्कूल मैदान में सभी संस्थानों के सहयोग से चारों ओर पौधरोपण किये जाने का निर्णय लिया गया.
जिला निबंधन कार्यालय के समीप स्थित तालाब का होगा सौंदर्यीकरण
महादलित टोले में सार्वजनिक व चलंत शौचालय बनाने पर
दिया गया बल
वार्ड संख्या एक में महादलित निवासियों के लिए शौचालय निर्माण कराये जाने की बात उठायी गयी. जिसमें खुले से शौचमुक्त करने के लिए महादलित टोले में सार्वजनिक या चलंत शौचालय निर्माण कराये जाने की बात रखी गयी. वहीं शिक्षा विभाग से पत्राचार कर सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया. जिससे बच्चों के माध्यम से इसकी जानकारी उसके परिवार तक पहुंच सके और हर परिवार शहर को स्वच्छ रखने में अपनी जिम्मेदारी निभा सके.