एक बजे पहला विस्फोट
जमुई: जिले के खैरा थाना क्षेत्र के परासी गांव स्थित निर्माणाधीन पुलिस कैंप को ध्वस्त कर नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करायी है. घटनास्थल पर मौजूद मुंशी की माने तो रात के एक बजे आये नक्सलियों ने पहला विस्फोट किया था. इसके ठीक पांच-पांच मिनट के अंतराल पर पांच विस्फोट किया. […]
जमुई: जिले के खैरा थाना क्षेत्र के परासी गांव स्थित निर्माणाधीन पुलिस कैंप को ध्वस्त कर नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करायी है. घटनास्थल पर मौजूद मुंशी की माने तो रात के एक बजे आये नक्सलियों ने पहला विस्फोट किया था. इसके ठीक पांच-पांच मिनट के अंतराल पर पांच विस्फोट किया. विस्फोट इतना जोरदार था कि आवाज सुन कर इलाके के लोग थर्रा गये. जानकारी के अनुसार घटना की सूचना पाकर पुलिस की टीम करीब तीन बजे उस ओर रवाना हुई. तभी ललदैया कॉजवे के समीप पहाड़ी पर पूर्व से घात लगाये नक्सलियों ने पुलिस के काफिला पर हमला कर दिया. जिसमें एक जवान की मौत तथा दो जवान घायल हो गये. इसके बाद भी नक्सली उसी जगह जमे रहे. इसकी पुष्टि तब हो गयी जब करीब पांच बजे के आसपास रिलायंस कंपनी का एक वाहन उसी मार्ग से गुजर रहा था. जिसे पुलिस वाहन समझ कर नक्सलियों ने फिर से फायरिंग शुरू कर दी. घटना में बाल-बाल बचे रिलायंस कंपनी के सुपरवाइजर गोपालगंज जिला निवासी मिथिलेश प्रसाद कहते हैं कि उन्हें जानकारी होती तो इधर से नहीं आते. नक्सलियों ने इसी जगह पर पुलिस पर हमला किया था. यहां पर पुलिस की कोई गतिविधि नहीं दिखी और हमलोग नित्य की तरह अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे. रिलायंस वाहन में साथ चल रहे मजदूर गरही निवासी शमशेर मियां, मो इमतियाज की हाल जान कर आसपास के लोगों ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि तीन बजे नक्सलियों द्वारा पुलिस वाहन पर हमला किये जाने के बाद पुलिस अगर मोरचा लेती तो आम यात्रियों के साथ ऐसा नहीं होता. लोगों के मुंह से बरबस निकल रहा था कि चार घंटे तक नक्सली पुलिस को ललकारते रहे और पुलिस अपनी जान बचाने में लगी रही.