थम नहीं रहा नक्सली वारदात
नक्सलियों के हौसले बुलंद
पुलिस नहीं हो रही सफल
विभूति, जमुई:
नौ फरवरी 2009 को कौवाकोल(नवादा) सीमा पर स्थित महुलियाटांड़ में रैदास जयंती समारोह के दौरान हमला कर एक दरोगा सहित 10 सैप जवान की हत्या कर हथियारों को लूट लिया. एक मार्च 2011 को रात्रि में अपग्रेड मिडिल स्कूल गरही के दो मंजिले भवन को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया. 19 मार्च 2011 को भीमायन पंचायत के तेतरियाडीह गांव में मोबाइल टावर को फूंका व एक युवक की गोली मार कर हत्या कर दी. आठ दिसंबर 2011 को पकरी घाट से पुल निर्माण में लगे आठ कर्मियों का अपहरण कर लिया. 15 दिसंबर 2011 को चनरबर मिडिल स्कूल को विस्फोट कर ध्वस्त कर दिया. 30 जनवरी 2012 को गरही के मीलनीटांड़ में प्रतिमा विसजर्न के दौरान तीन अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की हत्या कर दी. 23 मार्च 2013 को विस्फोट कर खैरा प्रखंड कार्यालय के भवन को उड़ाया व इसके बाद गिद्धेश्वर घाट के समीप खड़े 12 ट्रकों को आग के हवाले कर लालदैया कॉजवे को क्षतिग्रस्त कर दिया. 19 सितंबर 2012 को गिद्धेश्वर जंगल के समीप नक्सलियों ने पुलिस गश्ती वाहन पर हमला कर एक पुलिस पदाधिकारी की गोली मार कर हत्या कर दी. इस हमले में अवर निरीक्षक कमलेश कुमार समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गये. 26 जनवरी 2013 को रात्रि बारह बजे नक्सलियों ने बादिलडीह घाट पर बन रहे पुल के निर्माणाधीन स्थल से आठ मजदूरों को अगवा कर लिया. सात अप्रैल 2013 को नक्सलियों ने रात्रि के लगभग 11 बजे विस्फोट कर खैरा पावर स्टेशन के कंट्रोल रूम और रिले मशीन को क्षतिग्रस्त कर दिया. 19 सितंबर 2013 को खैरा प्रखंड के परासी में केन बम विस्फोट कर निर्माणाधीन पुलिस कैंप भवन को उड़ा दिया व उसे आग के हवाले कर दिया. इसके पश्चात नक्सलियों ने गिद्धेश्वर जंगल के समीप पुलिस वाहन पर हमला कर दिया जिसमें सियाडीह(भागलपुर) निवासी एसटीएफ जवान अंशुमन कुमार की मौके पर मौत हो गयी जबकि नालंदा निवासी अजय कुमार व बांका निवासी सुमन कु मार गंभीर रूप से घायल हो गये.