अतिक्रमणकारी खा रहे सरकारी जमीन
सूर्यगढ़ा : प्रखंड की गोपालपुर, कवादपुर एवं पूर्वी सलेमपुर पंचायत में इन दिनों खुलेआम सरकारी जमीन का अतिक्रमण किया जा रहा है. वहीं स्थानीय प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है. जबकि राज्य सरकार के निर्देशानुसार सरकारी गैरमजरुआ जमीन का उपयोग सरकारी भवन जैसे विद्यालय निर्माण कार्य के लिए तलाश की जा रही है.... वहीं […]
सूर्यगढ़ा : प्रखंड की गोपालपुर, कवादपुर एवं पूर्वी सलेमपुर पंचायत में इन दिनों खुलेआम सरकारी जमीन का अतिक्रमण किया जा रहा है. वहीं स्थानीय प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है. जबकि राज्य सरकार के निर्देशानुसार सरकारी गैरमजरुआ जमीन का उपयोग सरकारी भवन जैसे विद्यालय निर्माण कार्य के लिए तलाश की जा रही है.
वहीं इन पंचायतों में आम लोगों द्वारा जमीन दखल किया जा रहा है. नदी कान्ही क्षेत्र का अस्तित्व बचाये रखने के लिए आरटीआइ कार्यकर्ता रामचंद्र मंडल ने कई बार प्रखंडस्तरीय पदाधिकारियों का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इससे पंचायत के अहरा-पोखर नाला का अस्तित्व खतरे में दिखाई देने लगा है. खाली जमीन पर लगातार हो रहे निर्माण से ग्रामीण इलाके का भी जलस्तर घट गया है.
मालूम हो कि 8 जून को जिलाधिकारी व अंचलाधिकारी की बैठक में प्रखंड क्षेत्र में खाली पड़े सरकारी जमीन का सर्वे कर उसे सरकार के हित में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया. इस वर्ष मॉनसून में कम बारिश होने की आशंका के कारण मनरेगा के तहत जल संग्रह कराये जाने को लेकर तालाब, पोखर आदि की खुदाई कर जल संग्रह कराने का निर्देश दिया गया.
ऐसी परिस्थिति में जल संग्रह के लिए सरकारी जमीन तो उपलब्ध हो जायेगी. लेकिन अतिक्रमण न रुका, तो जमीन घटती ही चली जायेगी. क्या कहते हैं सीओ अंचलाधिकारी प्रेम कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर कर्मचारी से जांच करवा कर सरकारी जमीन को मुक्त करवाया जायेगा. वहीं सामान्य जाति छोड़ कर, अन्य जाति के भूमिहीन को बास के लिए जमीन मुहैया करायी जायेगी.
