गरीबों पर भारी पड़ रहा है बलि प्रथा

गरीबों पर भारी पड़ रहा है बलि प्रथा बकरे की कीमत सुन हताश हो रहे है भक्तसोनो .बलि प्रथा प्रधान इस पूरे क्षेत्र में दुर्गापूजा के दौरान नवमी को हजारों बकरे की बलि दी जाती है़ महेश्वरी के कुछ घरों में तो आज भी माता के नौ रूपो की पूजा के दौरान हर दिन बकरे […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 19, 2015 7:28 PM

गरीबों पर भारी पड़ रहा है बलि प्रथा बकरे की कीमत सुन हताश हो रहे है भक्तसोनो .बलि प्रथा प्रधान इस पूरे क्षेत्र में दुर्गापूजा के दौरान नवमी को हजारों बकरे की बलि दी जाती है़ महेश्वरी के कुछ घरों में तो आज भी माता के नौ रूपो की पूजा के दौरान हर दिन बकरे की बलि दी जाती है़ परंतु अब गरीब भक्तों पर अब यह बलि प्रथा भारी पड़ रहा है़ सदियों से चले आ रहे इस पूजन परंपरा का निर्वहन लोग हर हाल में करना चाहते है परंतु बकरे की कीमत सुनते ही गरीब श्रद्धालु हताश हो जा रहे है़ गत माह से ही बकरे की खरीदारी जारी है़ अब तो बिक्री करने वाले दर्जनों बकरों को चौक जैसे मुख्य जगहों पर ला कर बेच रहे है़ सामान्य बकरे की भी कीमत 3 हजार से ऊ पर है़ बड़े परिवार वाले या फिर बड़े बकरे की बलि देने वाले लोगों को 5-6 हजार से भी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है़ गरीब श्रद्धालु को भी दो से तीन हजार रूपये बकरे के लिए खर्च करने पड़ रहे है़ खर्च की बात यहीं खत्म नहीं होती है़ बकरे की खरीदारी के साथ ही बलि के बाद प्रसाद रूपी मांस को पकाने की व्यवस्था में भी अच्छी खासी खर्च का बजट बन जा रहा है़ बावजूद इसके आस्था सबों पर भारी है़ परदेश से कमा कर लौटे कमाऊ पुत्र या पति की कमाई का एक बड़ा हिस्सा बकरे की भेंट चढ़ रहा है. तो गरीब किसान व मजदूर जैसे तैसे व्यवस्था में लगे है़ कई घरों में तो अब बकरे के इंतजाम के लिए बकरी पालन ही शुरू कर दिया गया है़ दरअसल बलि प्रधान इस क्षेत्र में दुर्गापूजा के अलावे भी कई तरह के पूजा में बकरे की बलि दी जाती है. जबकि बकरों की कीमत आसमान छू रही है़