पुलिस बर्बरता से तंग आकर, आदिवासी धरना को आमादा………
पुलिस बर्बरता से तंग आकर, आदिवासी धरना को आमादा………कजरा. जिले के नक्सल प्रभावित तीन थाना क्षेत्र चानन, कजरा व पीरी बाजार के दर्जनों गांव-कछुआ, लोहरदगा, पूर्वी बांध, लछमिनीया बरमसिया, हनुमान थान, घोघरघाटी, कानीमोह, शीतला, दुधम, कनरिया, लहसोड़वा, लठिया, बंगाली बांध के आदिवासी पुलिस के कॉविंग ऑपरेशन के तहत उनके द्वारा आदिवासी पुलिस के कांबिंग ऑपरेशन […]
पुलिस बर्बरता से तंग आकर, आदिवासी धरना को आमादा………कजरा. जिले के नक्सल प्रभावित तीन थाना क्षेत्र चानन, कजरा व पीरी बाजार के दर्जनों गांव-कछुआ, लोहरदगा, पूर्वी बांध, लछमिनीया बरमसिया, हनुमान थान, घोघरघाटी, कानीमोह, शीतला, दुधम, कनरिया, लहसोड़वा, लठिया, बंगाली बांध के आदिवासी पुलिस के कॉविंग ऑपरेशन के तहत उनके द्वारा आदिवासी पुलिस के कांबिंग ऑपरेशन के तहत उनके द्वारा आदिवासी समुदायों पर की जा रही बर्बरता से त्रस्त होकर पुलिस व्यवस्था के विरोध में लखीसराय समाहरणालय पर एक दिवसीय धरना देने को लेकर गोल वंद हो रहे है. आदिवासी जनजाति संघर्ष समिति के सचिव राजेन्द्र कोड़ा नारायण कोड़ा आदि ने बताया कि आदिवासियों को नाहक ही नक्सली के नाम पर घसीटा जा रहा है. उन्होंने बताया कि अगर प्रशासन को आदिवासियों के बारे में ऐसा ही सोच हो तो वे हमारे समुदाय को पहाड़ी इलाके से हटाकर विस्थापित करें. उन्होंने शुक्रवार को आगामी 21 दिसम्बर को समाहरणालय पर अपने चिर परिचित मांगों को लेकर जिलाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक व अनुमंडलाधिकारी को आवेदन देकर एक दिवसीय धरना देने की सूचना दिया है. इन्होंने बताया कि कभी नक्सलियों द्वारा पुलिस की मुखबिरी करने का आरोप लगाकर आदिवासियों की हत्या की जाती है तो कभी पुलिस प्रशासन द्वारा नाहक नक्सली कहकर गिरफतार किया जाता है. इससे निजात दिलाने को लेकर प्रशासन से गुहार लगाने की बात कही.