ठंड की ठिठुरन बढ़ने से घरों में दुबकने को विवश हुए लोग

ठंड की ठिठुरन बढ़ने से घरों में दुबकने को विवश हुए लोग रिमझिम बारिश की वजह से ठंड के प्रकोप में हुई वृद्धि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना फोटो : 1(दिन में लाईट जल कर चलते वाहन चालक)प्रतिनिधि, जमुई मंगलवार को सुबह से रूक-रूक कर हुई रिमझिम बारिश की वजह से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 19, 2016 7:01 PM

ठंड की ठिठुरन बढ़ने से घरों में दुबकने को विवश हुए लोग रिमझिम बारिश की वजह से ठंड के प्रकोप में हुई वृद्धि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना फोटो : 1(दिन में लाईट जल कर चलते वाहन चालक)प्रतिनिधि, जमुई मंगलवार को सुबह से रूक-रूक कर हुई रिमझिम बारिश की वजह से ठंड के प्रकोप में अचानक वृद्धि हो गयी, और लोग अपने-अपने घरों में रजाई-कंबल आदि के नीचे दुबकने को मजबूर हो गये. बच्चे व बूढ़े भी ठंड के मार की वजह से दुबके नजर आये. सड़कों पर प्रत्येक दिन की भांति काफी कम आवाजाही देखी गयी . विद्यालयों तथा कार्यालयों में भी काफी कम उपस्थिति देखी गयी. कई जगहों पर तो लोग ठंड से बचने के लिए अलाव जला कर तापते नजर आये. ठंड की मार के वजह से सभी लोग बेहाल नजर आये. कृषि विज्ञान केंद्र खादीग्राम के वैज्ञानिकों की माने तो 24 जनवरी तक तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा और 20 जनवरी को भी रिमझिम बारिश होने की संभावना है. आकाश में बादल भी छाया रहेगा. 20 जनवरी को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री और अधिकतम तापमान 19 डिग्री,21 जनवरी को न्यूनतम 9 डिग्री और अधिकतम 21 डिग्री,22 जनवरी को न्यूनतम 9 डिग्री और अधिकतम 21 डिग्री,23 जनवरी को न्यूनतम 8 डिग्री और अधिकतम 21 डिग्री तथा 24 जनवरी को न्यूनतम 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 डिग्री रहने की संभावना है. हल्की बारिश से गेहूं और दलहन को हो सकता है फायदा कृषि वैज्ञानिकों की माने तो हल्की बारिश होने से गेहूं और दलहन की फसल को फायदा पहुंचने की संभावना है. वहीं आकाश में बादल छाये रहने के कारण आलू में पछैती झूलसा रोग होने व सरसों में माहू कीट का प्रकोप तेज होने की संभावना है. माहू कीट के प्रकोप को कम करने के लिए दो एमएल डाईमेथो-8 प्रति लीटर पानी में मिला कर छिड़काव करे. जबकि आलू में पछैती झूलसा रोग से बचाव हेतु ढ़ाई ग्राम मयंको जेब प्रति लीटर पानी में मिला कर छिड़काव करे.पशुओं को विशेष देखभाल की है जरूरत ठंड के बढ़ते प्रकोप से पशुओं को भी विशेष देखभाल की जरूरत है. पशु विशेषज्ञों की माने तो पशुओं के रखने के स्थान को सूखा रखें. पशुओं को अहले सुबह और शाम में कभी बाहर नहीं निकाले तथा शाम में आग जला कर उनके रहने के स्थान को गर्म कर दे. रात में पशुओं को ढक कर रखे.

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