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अब सड़कों पर नहीं लड़खड़ाते शराबी के कदम

लखीसराय/सूर्यगढ़ा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को सूबे में पूर्ण शराब बंदी की घोषणा की. इसको लेकर जिले में खुशी का माहौल है. बताते चलें कि जिले में देसी, विदेशी, वीयर एवं कम्पोजिट शराब दुकान मिला कर 34 दुकान संचालित थी. शाम ढलते ही इन दुकानों के पास भीड़ लगने लगती थी. शराब पीकर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 7, 2016 5:02 AM

लखीसराय/सूर्यगढ़ा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को सूबे में पूर्ण शराब बंदी की घोषणा की. इसको लेकर जिले में खुशी का माहौल है. बताते चलें कि जिले में देसी, विदेशी, वीयर एवं कम्पोजिट शराब दुकान मिला कर 34 दुकान संचालित थी. शाम ढलते ही इन दुकानों के पास भीड़ लगने लगती थी. शराब पीकर लोग जहां-तहां पड़े रहते थे. इससे इनके परिजनों को काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ती थी. इतना ही नहीं समाज में लोग भी शराबी के परिजनों को हेय दृष्टि से देखते थे. प्रारंभिक दौर में नीतीश सरकार ने जब देसी शराब को बंद किया और विदेशी शराब की दुकान खोलने की बात हुई,

तो लोगों खास कर महिलाओं ने जम कर विरोध किया. इससे नीतीश कुमार ने पूर्ण शराब बंदी की घोषणा कर दी. इस संबंध में महिला डाॅ इंद्र भारद्वाज ने बताया कि पूर्ण शराब बंदी से कितने ही घर उजड़ने से बच जायेंगे, क्योंकि कितने शराबियों की मौत शराब पीने से हो गयी. सरकार ने विलंब से निर्णय लिया, लेकिन दुरुस्त लिया, जो स्वागत योग्य है. वहीं अभिलाषा कुमारी ने बताया कि नीतीश सरकार खैनी, गांजा आदि पर भी पाबंदी लगा कर बिहार को नशा मुक्त बनाये.

सूर्यगढ़ा प्रतिनिधि के मुताबिक सूबे में पूर्ण शराबबंदी का लोगों ने स्वागत किया है. युवा जदयू के प्रदेश महासचिव मनोज कुमार वर्मा के मुताबिक सरकार के इस कदम से सामाजिक बदलाव आया है. यह कदम बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगा. चेंबर के अध्यक्ष रविशंकर सिंह अशोक के मुताबिक पहले यह कदम उठाया जाता, तो कई लोगों की जान बच सकती थी.

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