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इस दीपावली बांटेंगे खुशियां

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By Prabhat Khabar Digital Desk | October 21, 2016 3:33 AM

पहल. प्रज्ञा विहार पब्लिक स्कूल के बच्चों ने शिक्षकों के साथ लिया संकल्प

प्रज्ञा विहार पब्लिक स्कूल के बच्चों ने दीपावली को विशेष बनाने का संकल्प लिया है. बच्चों ने कहा कि वे पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पौधे लगायेंगे. पटाखा नहीं चलायेंगे.
लखीसराय : इस दीपावली पर पटाखों से प्रदूषण न हो, बड़े-बुजुर्गों के साथ हम बच्चों को इसका ख्याल रखना होगा़ इसके लिए जागरूक होना होगा़ कार्यानंद नगर लखीसराय स्थित प्रज्ञा विहार के बच्चों ने इस बार दिवाली में नो धूम-धड़ाका, नो पटाखा, नो शोर शराबा का संकल्प लिया है़ बच्चों ने इकोफ्रेंडली दीपावली मनाने का संदेश भी दिया़ गुरुवार को विद्यालय के बच्चों ने विद्यालय के निदेशक रंजन कुमार के नेतृत्व में होस्टल परिसर में दीपक का रूप लेकर इस बार घी व सरसों तेल के दीपों संग दीपावली मनाने का संकल्प लिया. निदेशक ने पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से बच्चों को पटाखे व केरोसिन के दीये का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी़ बच्चों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया व अपने आसपास के खाली जगहों पर पौधारोपण का संकल्प लिया़
आस्था के साथ मनायेंगे दीपों का पर्व दिवाली
रजनीश कुमार : पर्यावरण संरक्षण की दिशा में धुआं रहित दीपावली मनानी चाहिए़ पर्यावरण संरक्षण के लिए आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण से निजात के लिए पौधारोपण निहायत जरूरी है़
सुमन कुमार: इस बार प्रदूषण रहित दीपावली मनायेंगे़ दीपावली पर धुआं सहित आतिशबाजी के कारण पर्यावरण को नुकसान होता है. इसके प्रति हमें सचेत होने की जरूरत है.
गौरव कुमार: दीपावली के अवसर पर घर की साफ-सफाई में मम्मी की मदद करेंगे़ मैं इस बार दीपावली अपने मम्मी, पापा, भाइयों व परिजनों के साथ मनाऊंगा़ घर में सरसों तेल से मिट्टी के दीये जलाउंगा़
मोनू कुमार: सच्ची दीपावली तो सादगी में है़ हम अभी बच्चे हैं इसलिए इकोफ्रेंडली पटाखे ही खरीद कर जलायें तो सभी का फायदा होगा़ ये अन्य पटाखों की तुलना में सस्ते भी होते हैं.
रूपाली कुमारी: हमारे शिक्षकों ने इकोफ्रेंडली दीपावली मनाने की सीख दी है़ अधिक रोशनी व शोरगुल वाले पटाखों के कारण लोगों की आखों में रोशनी व कानों की श्रवण शक्ति जाने का खतरा बना रहता है़
काजल कुमारी: लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए हम सबको इकोफ्रेंडली पटाखे ही छोड़ना चाहिए़ इनसे धुआं कम निकलता है. के लिए नुकसानदायक होता है़
खुशी कुमारी: हमें ऐसी दीपावली मनानी चाहिए, जिसमें खुशियां भी रहें और परंपरा भी रहे़ अभी जो पटाखे शहर में मिल रहे हैं उनमें अधिकांश पटाखों से अधिक धुआं निकलता है़
कुमारी श्वेता: इस दीपावली में पटाखे से बचने वाले रुपये से गरीब बच्चों को वस्त्र दिलवायेंगे़ आसपास के बच्चों को भी पटाखा व केरोसिन के दीप जलाने से होने वाले नुकसान बतायेंगे.
निदेशक, रंजन कुमार: बच्चों के साथ शिक्षक व शिक्षिकाओं ने भी दीपावली इकोफ्रेंडली मनाने का संकल्प लिया है़ दूसरों को जागरूक कर भी यही संदेश देना चाहेंगे, पटाखों से कई तरह का प्रदूषण बढ़ता है जो मानव जीवन के लिए भी खतरनाक होता है़

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