दोनों व्यवसायी हुए मुक्त पांच अपहर्ता गिरफ्तार
लखीसराय में ऑपरेशन. रंजीत डॉन िगराेह ने िकया था अगवा... नेपाल के अपहृत व्यवसायी सुरेश केडिया को मुक्त कराने के पांच माह बाद बिहार पुलिस को एक और अहम कामयाबी मिली है. उसने बुधवार को दिल्ली के व्यवसायी बंधुओं को मुक्त कराने के साथ ही पांच अपहर्ताओं को गिरफ्तार िकया. पटना/लखीसराय : पटना एयरपोर्ट से […]
लखीसराय में ऑपरेशन. रंजीत डॉन िगराेह ने िकया था अगवा
नेपाल के अपहृत व्यवसायी सुरेश केडिया को मुक्त कराने के पांच माह बाद बिहार पुलिस को एक और अहम कामयाबी मिली है. उसने बुधवार को दिल्ली के व्यवसायी बंधुओं को मुक्त कराने के साथ ही पांच अपहर्ताओं को गिरफ्तार िकया.
पटना/लखीसराय : पटना एयरपोर्ट से अगवा नयी दिल्ली के मार्बल व्यवसायी बंधुओं सुरेश शर्मा और कपिल शर्मा को सकुशल मुक्त करा लिया गया है. पटना के एसएसपी मनु महाराज व लखीसराय के एसपी अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने बुधवार तड़के लखीसराय के कजरा पहाड़ी इलाके में सिमरातली गांव के पास छापेमारी कर दोनों को अपहर्ताओं की चंगुल से छुड़ा लिया. इससे पहले
दोनों व्यवसायी हुए मुक्त…
पुलिस और अपराधियों के बीच पांच घंटे तक मुठभेड़ चली. इस दौरान पुलिस ने पांच अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया. इन दोनों व्यवसायियों का 21 अक्तूबर को अपहरण कर लिया गया था.
एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार ने बुधवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. कहा कि इस अपहरण कांड में लखीसराय के कुख्यात अपराधी रंजीत मंडल उर्फ रंजीत डॉन के गिरोह का हाथ है. जिन पांच की गिरफ्तारी हुई है, उनमें पिंटू कुमार, रंजीत कुमार, सिंटू कुमार और मनोज यादव के माता-पिता शामिल हैं, जबकि फरार अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जायेगा. इस मामले में फिरौती मांगने की बात से एडीजी ने इनकार नहीं किया है, लेकिन कितनी फिरौती मांगी गयी थी, यह स्पष्ट नहीं किया
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पायेगा. एडीजी ने कहा कि घटनास्थल से नशीली दवाएं, खाने-पीने की वस्तुएं, एक पिस्टल, चार देसी कट्टे, 15 कारतूस समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं. इन सामानों और घटनास्थल की वीडियोग्राफी करवायी जायेगी, ताकि साक्ष्य के रूप में कोर्ट में पेश किया जाये. बरामद वस्तुओं से यह स्पष्ट है कि अपहृत व्यवसायियोें को नशे के इंजेक्शन भी दिये जाते थे. बरामदगी के बाद दोनों की मेडिकल जांच करवायी गयी. इसके बाद इनका 164 के तहत बयान दर्ज कराया जायेगा.
स्पीडी ट्रायल होगा. एडीजी ने कहा कि गिरफ्तार पांच अपराधियों में दो-तीन का पहले भी आपराधिक रेकॉर्ड रहा है. फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच चल रही है. इस मामले का स्पीडी ट्रायल करवाया जायेगा, ताकि अपराधियों को जल्द सजा मिल सके.
पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित. एडीजी ने कहा कि पटना के एसएसपी मनु महाराज के नेतृत्व में गठित एसआइटी और लखीसराय के एसपी ने अपहर्ताओं की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभायी है. इस ऑपरेशन में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जायेगा.
पोलिटेक्निक के भवन की फिनिशिंग का टेंडर दिलाने के नाम पर बुलाया था :
पटना. मुंगेर के हवेली खड़गपुर में पोलिटेक्निक निर्माण होने और उसकी फिनिशिंग के टेंडर का प्रलोभन देकर अपहरणकर्ताओं ने मार्बल व्यवसायी बंधुओं को पटना बुलाया था. इसके लिए अपराधियों ने पूरी सेटिंग कर रखी थी. घटना का मास्टरमाइंड रंजीत डॉन (लखीसराय निवासी) ने अपना नाम गोपाल गाेयल बताया था. कपिल शर्मा को कुछ शक हुआ था और उसने अपने बड़े भाई सुरेश शर्मा को बताया था कि कुछ गड़बड़ है. अचानक ही कोई हमें टेंडर देने के लिए क्यों बुला रहा है? लेकिन, रंजीत
पोलिटेक्निक के भवन की…
ने जब दूसरी बार फोन किया, तो उसने सुरेश व कपिल के जान-पहचान के दिल्ली में रहनेवाले एक इंजीनियर का परिचय दिया. दोनों ने उस इंजीनियर से भी बात की थी. उसने भी टेंडर की बात सही बतायी, तो मार्बल व्यवसायी बंधुओं को भरोसा हो गया. रंजीत ने खुद ही टिकट कटवा दिया :
रंजीत डॉन 21 अक्तूबर के 15 दिन पहले से ही व्यवसायी बंधुओं से कांटैक्ट कर रहा था. रंजीत ने उनलोगों को बताया था कि वे जल्दी आ जाएं, जिससे कि टेंडर आपको मिल सके. व्यवसायी बंधुओं ने बताया कि हम दीपावली के बाद आना चाहते थे. लेकिन, रंजीत ने काफी दबाव बनाया. विमान के टिकट भी कटा कर उनके पास भेज दिये.
कपिल व सुरेश ने बताया कि हम 21 अक्तूबर को शाम 6:30 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे, जहां हमें ड्राइवर ने फोन किया और गेट पर रिसीव कर लिया. इसके बाद हमें लेकर वह हाइवे पर चलने लगा. वह हमसे काफी कम बात कर रहा था और गाड़ी भी काफी तेज चला रहा था. हमने गाड़ी को धीरे चलाने को कहा, लेकिन वह नहीं माना. काफी अाग्रह के बाद ड्राइवर ने गाड़ी रोकी. इसके बाद हमने नाश्ता किया. गाड़ी जब लखीसराय पहुंची, तो ड्राइवर ने गाड़ी को हाइवे से दायें टर्न कर कच्ची सड़क पर उतार दी. करीब दो किलोमीटर आगे जाने के बाद गाड़ी रोक दी. इसके बाद वहां पांच-सात लोग पहुंच गये और हमारे साथ मारपीट करने लगे.
कपड़े भी उतरवा दिये. इसके बाद हमें कुछ दूरी पर ले गये और एक झोंपड़ीनुमा मकान में दो दिनों तक बंधक बना कर रखा. इसके पहले हमारे पिता का भी फोन आया, तो हमने पटना से 150 किलोमीटर दूर होने की जानकारी दी. फिर हमसे मोबाइल छीन लिया गया. इधर, जिस मकान में दोनों भाइयों को रखा गया था, वह नक्सली मनोज यादव का है, जो फरार है. हालांकि, उसके पिता व भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार पांच लोगों में ये दोनों भी शामिल हैं.
छोड़ने की बात कह ले गये कजरा के जंगल में
22 व 23 अक्तूबर तक दो दिनों तक मनोज यादव के घर में रखने के बाद अपहरणकर्ताओं ने बताया कि तुम लोगों को नहीं पकड़ना चाहते थे, दूसरे को पकड़ना चाह रहे थे. इसलिए अब तुम लोगों को छोड़ दिया जायेगा. इसके बाद दोनों को स्कॉर्पियों गाड़ी में बैठा कर गांव से बाहर लाया गया. वे कजरा स्टेशन की बगल से गुजरे, लेकिन दोनों भाई ने हो-हल्ला नहीं किया. दोनों को ऐसा लगा कि अब उन्हें छोड़ दिया जायेगा. लेकिन, दोनों को जंगल में ले जाया गया. फिर पहाड़ पर ले जाकर हाथ व मुंह बांध दिया गया.
मांगनी शुरू कर दी थी पांच करोड़ फिरौती
व्यवसायी बंधुओं ने बताया कि हम जैसे ही पहाड़ पर पहुंचे, वैसे ही हमारे मोबाइल से ही पांच करोड़ की फिरौती मांगनी शुरू कर दी गयी और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गयी. अपराधियों ने 24 व 25 अक्तूबर को दो बार फोन कर फिरौती की रकम मांगी और नहीं देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी.
पांच घंटे तक चली मुठभेड़, पुलिस ने दागे मोर्टार
मुक्त होने के बाद रोते व्यवसायी बंधु कपिल व सुरेश.
व्यवसायियों को मुक्त कराने के बाद लखीसराय एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांन्फ्रेंस में एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि लोकेशन की सूचना मिलते ही मैं स्वयं लखीसराय के लिए रवाना हो गया व लखीसराय के एसपी के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए चार टीमों का गठन किया गया़ इनमें
रात में 15 किमी पैदल…
सीआरपीएफ की टीम को भी शामिल किया गया़ उन्होंने बताया कि सभी टीमें गोपनीयता बनाये रखने के उद्देश्य से जंगल में लगभग 15 किमी पैदल ही रात्रि मार्च कर गंतव्य पहाड़ी के पास पहुंची और फिर धीरे-धीरे पहाड़ी पर चढ़ना शुरू किया गया़ तभी अचानक पहाड़ी की ओर से फायरिंग की आवाज आयी, जिस पर सभी टीमों ने पोजीशन लिया व अपहकर्ताओं को अपहृत मुक्त करने व हथियार डालने के लिए ललकारा़ इसके बाद पुन: अपराधियों की ओर से फायरिंग की गयी, जिसके जवाब में पुलिस टीमों ने भी कई चक्र फायरिंग की गयी. इस दौरान भाग रहे एक अपहर्ता पिंटू कुमार को जवानों ने पकड़ लिया़
उसने बताया कि पुलिस को फायरिंग करते देख ललन उर्फ लल्लू, मनोज यादव, रंजीत डॉन, एक बूढ़ा व्यक्ति, दो औरतें और 6-7 अज्ञात अपराधकर्मी जंगल की ओर भागे हैं. पिंटू की निशानदेही पर टीम ने एक पहाड़ी खोह को घेरा. वहीं, एसएसपी के निर्देश पर दो ईंच मोर्टार से फायरिंग की गयी, जिससे ऑपरेशन में सहूलियत हुई और खोह से दोनों अपहृतों को सकुशल बरामद किया गया़ इसके साथ ही अपहृतों के देख-रेख कर रहे दो व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने अपने आप को अथमलगोला निवासी रंजीत कुमार व श्याम टोला, लखीसराय का सिंटू कुमार बताया़ उन्होंने बताया कि घटना को लेकर फरार मनोज यादव के माता-पिता को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है.
ऐसे पहुंची पुलिस
पुलिस ने पटना एयरपोर्ट इलाके के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले
लखीसराय पुलिस से संपर्क कुछ और जानकारियां मिलीं
यूपी पुलिस से संपर्क किया यूपी पुलिस ने 17 िदन पहले अपहृत िकये गये इलाहाबाद के नारायण यादव को
उपलब्ध कराया
मोबाइल की जानकारी ली व सीडीआर से दिल्ली के व्यवसायियों का भी नंबर निकला
दोनों के एक ही नंबर से
कॉल आने की पुष्टि
नारायण यादव की निशानदेही पर कजरा में ऑपरेशन शुरू
