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धान खरीद में अनियमितता पाये जाने पर बीसीओ ने दर्ज कराया मामला

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By Prabhat Khabar Digital Desk | March 20, 2017 1:47 AM

राशि नहीं देने पर मिलर को बनाया बंधक

सूर्यगढ़ा : धान खरीद के बाद बकाया राशि का भुगतान नहीं होने से किसानों का आक्रोश उबल पड़ा. रविवार को पैक्स अध्यक्ष विजय सिंह ने मिलर को बुला कर मामले को लेकर बातचीत की, तो कुछ लोगों ने पिपरिया प्रखंड के वलीपुर निवासी मिलर को बंधक बना लिया. इधर मिलर की पत्नी ने पिपरिया थाना में आवेदन देकर अपने पति के अपहरण की अाशंका जताते हुए उसे मुक्त कराने की गुहार लगायी. समाचार प्रेषण तक तनाव के माहौल में सूर्यगढ़ा व पिपरिया पुलिस की उपस्थिति में आपसी बातचीत कर मिलर को कब्जे से मुक्त किये जाने का प्रयास किया जा रहा है. रामपुर पंचायत के मुखिया कुंदन कुमार ने बताया कि धान खरीद के बाद किसानों को राशि नहीं मिली है.
राशि मिलर के पास बकाया है, जबकि किसान पैक्स अध्यक्ष पर राशि भुगतान का दबाव बना रहे हैं. रविवार को मामले को लेकर मिलर को बुलाया गया. इस क्रम में मिलर के परिजनों ने पिपरिया थाना में अपहरण की सूचना दी. पिपरिया थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने बताया कि राशि लेन-देन का मामला है. मिलर की पत्नी ने अपहरण को लेकर आवेदन दिया है.
मानवता के बीच हिंसा के िलए कोई जगह नहीं : प्रणब मुखर्जी
राजगीर से नीरज मिश्रा
मानवता के बीच हिंसा के िलए कोई जगह नहीं दी जा सकती है. आज जब तालिबानी बम बरसा रहे हैं, ऐसे दौर में बौद्ध धर्म के माध्यम से ही विश्व में शांति लायी जा सकती है. ये बातें रविवार को राजगीर के इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर
मानवता के बीच…
में चल रहे तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध समागम के समापन समारोह में राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी ने कहीं. उन्होंने कहा कि वे इस कार्यक्रम में शामिल होकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. डॉ मुखर्जी ने कहा- बिहार ऐतिहासिक प्रदेश है. यहां प्राचीन काल में भी शैक्षणिक धरोहर थी और आज भी है. इस दौरान उन्होंने नालंदा, तक्षशिला तथा विक्रमशिला का भी जिक्र किया. नव नालंदा महाविहार विश्वविद्यालय की तारीफ करते हुए कहा कि यहां की शिक्षा व्यवस्था एक दिन विश्व में नाम करेगी. विभिन्न देशों के छात्रों और प्रतिनिधियों की ओर इशारा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा का मतलब सिर्फ डिग्री लेना नहीं होता है.शिक्षा का असली मतलब अहिंसा, भयरहित समाज और नैतिकता का पाठ पढ़ना और पढ़ाना होता है.
जब इस अपनी शिक्षा में इसे शामिल करेंगे, तो हम विध्वंसक नहीं, पालक बन जायेंगे. इसके लिए हमें बौद्ध धर्म को समझना होगा. जब हम बौद्ध धर्म को समझेंगे, उसके बाद अपने आप ही हमारे विचारों में बदलाव आने लगेगा. राष्ट्रपति ने नालंदा नव महाविहार विश्वविद्यालय की तारीफ करते हुए कहा कि यहां बुद्ध के बारे में जो पढ़ाया जाता है, वह प्रशंसनीय है. राष्ट्रपति दोपहर 2:48 बजे मंच पर राज्यपाल रामनाथ कोविंद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पहुंचे और 4:08 बजे तक रहे. इन लोगों का स्वागत कला एवं संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव और नालंदा नव महाविहार के वीसी एमएल श्रीवास्तव ने किया. इस कार्यक्रम में जापान, भूटान, चीन, थाईलैंड, म्यांमार, श्रीलंका, मलेशिया, रूस, पोलैंड, नार्वे, नेपाल, मंगोलिया, मलेशिया, कजाकिस्तान, कंबोडिया, हांगकांग, बांग्लादेश, सिंगापुर, ताइवान, इंडोनेशिया से छात्र, प्रतिनिधि और बौद्ध भिक्षु आये थे.
बुद्ध के विचारों से ही हल
राष्ट्रपति ने कहा, महात्मा बुद्ध के विचारों से हर तरह की समस्या का हल हो जायेगा. जिस तरह से लोगों में हिंसा बढ़ रही है, उसके लिए बुद्ध के विचार प्रासंगिक हैं. अगर बुद्ध और बौद्ध के बारे में जान लिया जाए, तो हमारी परेशानियों का हल हो सकता है.
संवेदनशीलता से भरे थे टैगोर
डॉ प्रणब मुखर्जी ने रवींद्र नाथ टैगोर का जिक्र करते हुए कहा कि टैगोर जी संवेदनशीलता से भरे हुए व्यक्ति थे. हम लोगों को उनसे सीख लेनी चाहिए. उनके बारे में पढ़ने से पता चलता है कि वे क्या थे और कैसे थे.

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