यातायात सेवा बुरी तरह प्रभावित
शहर में पुलिस बल की कमी के कारण जाम से कराह रहे हैं लोग
लखीसराय : विगत 11 मार्च से कभी असहयोग तो कभी हड़ताल और अब पांच अप्रैल को राज्यपाल के आश्वासन के बाद हड़ताल तोड़े जाने के बावजूद होमगार्ड जवानों को काम पर वापस नहीं लिये जाने की वजह से पुलिस प्रशासन के विभिन्न विभागों के कार्य को प्रभावित होते देखा जा रहा है़ थानों की व्यवस्था से लेकर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी इसका असर है़ यातायात व्यवस्था में आम शहरवासी पुलिस बल की कमी के कारण प्रतिदिन जाम की समस्या से दो चार हो रहे हैं.
शायद ही कोई दिन ऐसा हो जब शहर की सड़कों पर लोग अपने वाहनों को आसानी से चला पा रहे हों. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर में यातायात व्यवस्था के लिए महज छह ट्रैफिक पुलिस ही कार्यरत हैं और वे सभी 8-8 घंटे के तीन शिफ्ट में शहर के जमुई मोड़ व विद्यापीठ चौक पर ही कार्यरत रहते हैं. जिससे शहर के मुख्य सड़क पर वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए एक भी जवान को पदस्थापित नहीं किया जा रहा है. इस कारण से शहर में प्रतिदिन लोग जाम की समस्या से जूझ रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
हमारे पास मात्र छह पुलिस बल मौजूद हैं. जिनसे तीन शिफ्ट में जमुई मोड़ व विद्यापीठ चौक पर कार्य लिया जाता है़ पुलिस बल नहीं रहने की वजह से वे स्वयं शहर की मुख्य सड़क पर भागदौड़ कर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से कराने का प्रयास करते रहते हैं. होमगार्ड के हड़ताल से पूर्व उनक पास छह होमगार्ड जवान पदास्थापित थे़ जिनसे पचना रोड मोड़, बड़ी दुर्गास्थान, शहीद द्वार व चितरंजन रोड मोड़ पर सेवाएं ली जाती थी़
विनोद ठाकुर, अवर निरीक्षक(यातायात), लखीसराय
होमगार्ड के कार्य से दूर रहने से कुछ परेशानी तो हो ही रही है़ यातयात व्यवस्था, थानों की व्यवस्था से लेकर अधिकारियों के आवासों तक पर इनकी ड्यूटी लगी रहती थी़ होमगार्ड जवानों के कार्य पर वापसी राज्य मुख्यालय के निर्णय बाद ही संभव है़ होमगार्ड जवानों द्वारा नियुक्ति के समय एक निश्चित समय के लिए कार्य करने का बांड भरा जाता है. होमगार्ड जवानों ने इसके बावजूद हड़ताल कर नियमों को तोड़ा है. जिसको लेकर हड़ताली होमगार्ड जवानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश राज्य मुख्यालय से दिया गया है़
पंकज कुमार, एसडीपीओ, लखीसराय