ज्ञान के दो रूप एक परा व दूसरा अपरा

मधेपुरा : आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया है. इसमें मुख्य प्रशिक्षक आचार्य पुर्णदेवा-नंद अवधूत है. सेमिनार का मुख्य विषय है ‘वेद में ब्रहम विज्ञान, मानव जीवन में साधना की प्रयोजनीयता व विकेंद्रीत अर्थव्यवस्था’. आनंद मार्ग स्कूल वार्ड नंबर तीन पीएचइडी रोड मधेपुरा में आयोजित सेमिनार के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 30, 2017 6:51 AM

मधेपुरा : आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया है. इसमें मुख्य प्रशिक्षक आचार्य पुर्णदेवा-नंद अवधूत है. सेमिनार का मुख्य विषय है ‘वेद में ब्रहम विज्ञान, मानव जीवन में साधना की प्रयोजनीयता व विकेंद्रीत अर्थव्यवस्था’. आनंद मार्ग स्कूल वार्ड नंबर तीन पीएचइडी रोड मधेपुरा में आयोजित सेमिनार के पहले दिन शनिवार को चर्चा करते हुए मुख्य प्रशिक्षक ने कहा कि वेद में ब्रह्मन विज्ञान विषय पर मुख्य प्रशिक्षक ने कहा कि वेद शब्द की उत्पत्ति विद् धातु से हुई है, जिसका अर्थ होता है ज्ञान. ज्ञान का दो रूप है. एक है परा ज्ञान और दूसरा है अपरा ज्ञान. परा ज्ञान है जागतिक ज्ञान और अपरा ज्ञान पारलौकिक ज्ञान आध्यात्मिक ज्ञान है.

वेद चार है ऋगवेद, यजुर्वेद, अथर्वेद व सामवेद. ऋगवेद की रचना भारत के बाहर हुई. यजुर्वेद की रचना बहुतांश भारत के बाहर तथा कुछ अंश भारत में. अथर्वेद की रचना पूरी तरह भारत में हुई. वेद में 99 प्रतिशत कर्मकांड है और एक प्रतिशत ब्रह्मन ज्ञान है और तंत्र में 99 प्रतिशत अध्यास और एक प्रतिशत अन्य बाते हैं.
वेद में ब्रह्मन की महिमा के संबंध में विस्तृत चर्चा की गयी है. उन्होंने कहा कि भगवान आनंद मूर्ति जी ने वेद के सारे तत्व वेद में ब्रह्मन विज्ञान के विषय में कहा कि मनुष्य के जीवन का चरम परम लक्ष्य ब्रह्मनोपलब्धि करना है. ब्रह्मन उपलब्धि एक मात्र आध्यात्मिक अनुशीतलन से ही संभव. आध्यात्मिक अनुशीलन का रास्ता अष्टांग योग साधना है. जिसमें आठ अंग है. यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रस्थाहार, धारणा, ध्यान और समाधि. सेमिनार में सहरसा, मधेपुरा व सुपौल जिला से अनुगामियों ने सपरिवार भाग लिया. सेमिनार से सफलता में आचार्य ब्रजदत्तानंद अवधूत, आचार्य अनुरागानंद अवधूत, अवधूति का आनंद, कल्याणमया आचार्या, अवधूतिका लीना, ब्रह्मचारणी सांता आचार्या, आचार्य रणधीर देव, राम कुमार, मानवदेव की अहम भूमिका रही.