बच्चियों से मारपीट का मामला रफा-दफा

प्राथमिकी में वार्डेन सहित अन्य शिक्षिका को बनाया गया था अभियुक्त पुरैनी : प्रखंड स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय से विगत गुरुवार को मारपीट व प्रताड़ना से तंग आकर भागी तीन मूक-बधिर छात्राओं के मामले में शनिवार को प्राथमिकी के बाद अब नया मोड़ आ गया है. इससे पहले कि पुरैनी थाने में दर्ज किये गये […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
प्राथमिकी में वार्डेन सहित अन्य शिक्षिका को बनाया गया था अभियुक्त
पुरैनी : प्रखंड स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय से विगत गुरुवार को मारपीट व प्रताड़ना से तंग आकर भागी तीन मूक-बधिर छात्राओं के मामले में शनिवार को प्राथमिकी के बाद अब नया मोड़ आ गया है. इससे पहले कि पुरैनी थाने में दर्ज किये गये प्राथमिकी के आलोक में पुलिस अनुसंधान शुरू करती कि मामले को ही रफा-दफा कर दिया गया.
शनिवार की शाम इन पीड़ित बच्चियों के अभिभावकों ने पुरैनी थानाध्यक्ष के पास आ कर बयान पलटते हुए उनकी बच्चियों के साथ कुछ नहीं होने की बात कही. इससे पहले तीनों अल्पसंख्यक मूक-बधिर लड़कियों के परिजनों ने चौसा थाना में दिये गये आवेदन में बच्चियों के साथ मारपीट करने व प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. इस आवेदन के आधार पर पुरैनी थाना में थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने कांड संख्या 111/14 के तहत भाद़वि के तहत धारा 341, 323, 504, 506 दर्ज कर लियागया था. इसमें वार्डेन व अन्य को प्राथमिक अभियुक्त बनाया था. ये बच्चियां चौसा प्रखंड के लौआलगाम की रहने वाली हैं.
जख्म की बनी वीडियो
गौरतलब है कि शुक्रवार की रात जब ये बच्चियां भाग कर चौसापहुंची थी और मो शाह ने इन्हें अपने यहां पनाह दिया था. उसके बाद इन बच्चियों ने जो कुछ इशारे से बताया उससे किसी भी सभ्य समाज की रूह सिहर जायेगी. बच्चियों ने अपने शरीर पर जो जख्म के निशान दिखाये उसका कुछ लोगों ने वीडियो भी बनाया. अभिभावक जब अपनी बच्चियों के पास पहुंचे तो इस बातचीत की ऑडियो रिकार्डिग भी की गयी. इसमें बच्चियों ने मारपीट और प्रताड़ना के अलावा कुछ और भी संकेत दिया था.
विभाग लगा था मैनेज में. शनिवार को जब प्राथमिकी दर्ज हुई उसी समय यह बात सामने आ रही थी कि विभाग स्थानीय नेताओं के साथ मिल कर अभिभावक पर मामले को दबाने के लिए दबाव बना रहा है. आखिर वही हुआ. शनिवार को पीड़ित बच्चियों के परिजनों को शनिवार को पुरैनी कस्तूरबा लाया गया. यहीं उन्हें यह बताया गया कि थाना में क्या कहना है. यहां से उन्हें थाना ला कर इच्छित बयान दिलवाया गया.
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