बाजार से पंजी खरीद कर होता है पंजीकरण

बाजार से पंजी खरीद कर होता है पंजीकरणफोटो:::::::::::::::नहीं है-लापरवाही . कन्या विवाह पंजीकरण फॉर्म का टोटा, दंपती लगा रहे चक्कर — लगभग दो हजार से अधिक आवेदन शोभा बढ़ा रहे हैं प्रखंड कार्यालय का — बाबुओं के चक्कर लगाने को विवश हैं नवविवाहित जोड़े प्रतिनिधि, पुरैनी प्रखंड में विभाग द्वारा आजतक पंचायतों को कन्या विवाह […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 4, 2016 6:45 PM

बाजार से पंजी खरीद कर होता है पंजीकरणफोटो:::::::::::::::नहीं है-लापरवाही . कन्या विवाह पंजीकरण फॉर्म का टोटा, दंपती लगा रहे चक्कर — लगभग दो हजार से अधिक आवेदन शोभा बढ़ा रहे हैं प्रखंड कार्यालय का — बाबुओं के चक्कर लगाने को विवश हैं नवविवाहित जोड़े प्रतिनिधि, पुरैनी प्रखंड में विभाग द्वारा आजतक पंचायतों को कन्या विवाह पंजीकरण पंजी जहां उपलब्ध नहीं करायी गयी. वहीं इस समस्या से निजात के लिए पंचायत द्वारा स्वयं बाजार से पंजी खरीदकर पंजीकरण का कार्य किया जाता रहा है. वहीं दूसरी तरफ लगभग एक वर्ष से कन्या विवाह की प्रोत्साहन राशि नवविवाहित जोड़ों को अबतक नहीं मिला है. साथ ही शादी का पंजीकरण कराने को लेकर वंचित ग्रामीण इलाके के सैकड़ों नवविवाहित जोड़े इन दिनों पंचायत व प्रखंड कार्यालय स्थित बाबुओं का चक्कर लगाने को विवश हैं. क्षेत्र के विवाहित जोड़े पुरैनी पंचायत के निवासी पूनम कुमारी, पुष्पा कुमारी, अरपना कुमारी ने कहा कि शादी के कई साल बीत चूके हैं और यहां तक की उनके बच्चे के उमर भी दो तीन साल हो गई है, पर वे प्रोत्साहन लाभ से अबतक वंचित हैं. ऐसे में सरकार की यह महत्वाकांक्षी सीएम कन्या विवाह योजना हवा हवाई बनकर रह गयी है. दरअसल पंचायतों को इस मद के राशि का आवंटन नहीं मिल रहा है. जबकि हर साल पंचायत स्तर से प्रखंड को और प्रखंड से जिला को इस मद के आवंटन को लेकर डीमांड दी जाती रही है. लेकिन आलम यह है की आज भी नवविवाहित जोड़े इन बाबुओं के चक्कर लगाने को विवश हैं. — कहते हैं बीडीओ-इस बाबत बीडीओ रीना कुमारी से पुछे जाने पर उन्होंने बताया की इस मद की प्रोत्साहन राशि का आवंटन प्रखंड को मिल चुका है. जिलाधिकारी के आदेशानुसार राशि खाता में दिया जाना है. अधिकांश आवेकदनकर्ता का खाता नंबर उपलब्ध नहीं है. जैसे खाता नंबर उपलब्ध होता है राशि आवंटित कर दी जायेगी.

Next Article

Exit mobile version