रोगियों में रहा त्राहिमाम

मधेपुरा : सरकारी व सभी निजी चिकित्सकीय सुविधाओं के ठप रहने के कारण पूरे जिले में मरीजों में त्राहिमाम की स्थिति रही. सदर अस्पताल में ओपीडी, इमरजेंसी सेवा, प्रसव कार्य, नियमित टीकाकरण, विकलांग जांच शिविर आदि सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गयी. सबसे अधिक परेशानी सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भरती मरीजों को झेलना पड़ा. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 29, 2016 3:45 AM

मधेपुरा : सरकारी व सभी निजी चिकित्सकीय सुविधाओं के ठप रहने के कारण पूरे जिले में मरीजों में त्राहिमाम की स्थिति रही. सदर अस्पताल में ओपीडी, इमरजेंसी सेवा, प्रसव कार्य, नियमित टीकाकरण, विकलांग जांच शिविर आदि सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गयी. सबसे अधिक परेशानी सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भरती मरीजों को झेलना पड़ा. गुरुवारों को इन मरीजों की सुधि लेने एक भी चिकित्सक और कर्मी नहीं पहुंचे थे. अनहोनी की आशंका से कई मरीज अस्पताल छोड़ कर भाग गये. ओपीडी में आनेवाले मरीजों की स्थिति भी भगवान भरोसे थी.

गम्हरिया प्रखंड के मानपुर गांव निवासी श्यामसुंदर देवी की उंगली कट गयी थी. वहीं अजगैबा गांव निवासी उमेश साह लेप्रोसी से पीडि़त हो कर पहुंचे थे. सौर बाजार के निकट ठाडी गांव के देवाशीष कुमार को कुत्ते ने काट लिया था. महेशुआ पंचायत की रंभा देवी टूटे हुए बायें हाथ के चेकअप के लिए आयी थी. सिंहेश्वर के पटोरी गांव के सावन कुमार भी बुखार से पीडि़त हो कर पहुंचा था. पतरघट पामा के पिकेश कुमार टूटे पैर का इलाज के लिए पहुंचे थे. मिशन अस्पताल से रेफर हो कर रिंकी देवी चिंताजनक स्थिति में यहां आयी थी. उनके परिजन जल्दी ही उन्हें लेकर कहीं और चले गये.