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लापरवाही . स्वास्थ्य विभाग चौसा की घटना से बेखबर

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By Prabhat Khabar Digital Desk | March 3, 2016 12:52 AM

चेचक का प्रकोप, कई आक्रांत

जिले के चौसा प्रखंड के चिरौरी पूर्वी पंचायत स्थित भवनपुरा बासा में तीन माह से सैकड़ों लोग चेचक से संक्रमित हैं. करीब दस हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव में चेचक धीरे-धीरे महामारी का रूप लेता जा रहा है. फिलवक्त गांव के करीब डेढ़ सौ से अधिक व्यक्ति चेचक की चपेट में हैं. चिंता करने वाली बात यह है कि अब तक स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक नहीं.

चौसा : जिले के चौसा प्रखंड के चिरौरी पूर्वी पंचायत स्थित भवनपुरा बासा में बुधवार को प्रभात खबर संवाददाता ने जब चेचक के बारे में ग्रामीणों से बातचीत की, तो बताया गया कि प्रत्येक घर में दो तीन व्यक्ति को चेचक है. एक आदमी को छूटता है तो दूसरे को हो जाता है. भवनपुरा बासां वार्ड नं-9 व 10 वार्ड को मिलाकर बनता है.

गांव की आबादी लगभग 11 हजार है. लगभग सभी जाति के लोग यहां निवास करते हैं. लेकिन अंधविश्वास के कारण लोग इस बीमारी को दैवीय प्रकोप मानते हैं. बीमार व्यक्ति पर देवी आया मान कर पूजा की जाती है. वहीं कुछ लोग स्थानीय स्तर पर ही इलाज करा रहे हैं. गांव का किशोर पासवान (3 वर्ष), विभाष कुमार (2 वर्ष), रंधीर कुमार (8 वर्ष), ब्यूटी कुमारी (8 वर्ष), अंजली कुमारी (14 वर्ष), सोनम कुमारी (8 वर्ष), आशीष कुमार (8 वर्ष), रीना कुमारी (4 वर्ष), मौसम कुमारी (4 वर्ष)के अलावा ममता देवी, गौरी कुमारी, संगीता कुमारी, शिवरानी कुमारी, अनीता देवी, दिलीप कुमार, विक्रम कुमार, अनुराधा कुमारी जैसे सैकड़ों नाम हैं जो इस बीमारी की चपेट में हैं.

तीन माह बाद भी मुखिया और प्रशासन बेखबर .हैरत इस बात की है कि इतनी बड़ी आबादी चेचक से पीड़ित है, लेकिन न तो जनप्रतिनिधि को इस बात की खबर है और न प्रशासन को ही इसकी सूचना है. इसके बारे में जब पंचायत के मुखिया पवन मुनि से पूछा गया तो उन्होंने इस संबंध में कोई भी सूचना होने से इनकार कर दिया. वहीं दूसरी ओर पीएचसी अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी. एक या दो दिन में मेडिकल टीम भेजी जायेगी.

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