न्याय के लिए भटक रही पीड़िता,पुलिस उदासीन

छातापुर : छातापुर अंचल के बेलागंज मौजा में एक व्यक्ति द्वारा अंचल कार्यालय से फर्जी रूप से बासगीत का पर्चा प्राप्त करने का मामला प्रकाश में आया है. इतना ही नहीं उक्त फर्जी पर्चा के आधार पर एक भूस्वामी के 10 डिसमिल जमीन पर जबरन कब्जा भी जमा लिया गया. इसका खुलासा तब हुआ जब […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

छातापुर : छातापुर अंचल के बेलागंज मौजा में एक व्यक्ति द्वारा अंचल कार्यालय से फर्जी रूप से बासगीत का पर्चा प्राप्त करने का मामला प्रकाश में आया है. इतना ही नहीं उक्त फर्जी पर्चा के आधार पर एक भूस्वामी के 10 डिसमिल जमीन पर जबरन कब्जा भी जमा लिया गया. इसका खुलासा तब हुआ जब पर्चा धारी द्वारा की गई दावेदारी के बाद भूस्वामी की आवेदिका सुधा देवी अंचल कार्यालय पहुंची. साथ ही वासगीत वाद संख्या 16/1991-92 मे पारित संपूर्ण आदेश का बजाप्ता नकल के लिए आवेदन दाखिल किया गया. बजाप्ता नकल देने की जगह अंचल कार्यालय द्वारा भूस्वामी को स्पष्ट रूप से लिख कर दिया गया कि संबंधित अभिलेख अंचल कार्यालय में उपलब्ध नहीं है. साथ ही यह भी लिखा गया है

कि वासगीत पंजी पर जगदीश सहनी पिता नेपाली सहनी का नाम दर्ज है तथा रकवा 10 डिसमिल भी अंकित है. लेकिन पंजी पर अंचलाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है. इसलिए आवेदिका को नकल नहीं दिया जा सकता है. इस संदर्भ में सीओ लाला प्रमोद कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि वासगीत वाद की स्थिति से आवेदिका को लिखित रूप से अवगत करा दिया है .अब इस मामले मे डीएम सुपौल के यहां वासगीत पुनरीक्षण वाद चल रहा है. इसलिए इस मामले में वे ज्यादा कुछ नहीं बताने की स्थिति में नहीं है.

पुलिस व प्रशासन ने नहीं की मदद: पीड़ित भूस्वामी सुधा देवी ने बताया कि फर्जी वासगीत परचा के विरुद्ध उन्होंने परचा रद्द कराने के लिए डीएम सुपौल के यहां आवेदन देकर वाद दायर किया है. फर्जी परचा के आधार पर जबरन दखल कब्जा जमाने वाले जगदीश सहनी वगैरह ने दखल कब्जा का विरोध करने पर उन्हें और उनके पति फुल कुमार साह के साथ गंभीर रूप से मारपीट की. इस मामले में एसपी सुपौल के हस्तक्षेप के बाद भीमपुर थाना मे प्राथमिकी भी दर्ज है.
लेकिन उनलोगों के द्वारा आगे भी मार पीट और गाली गलौज किया जाता रहा. इसकी शिकायत के बावजूद भीमपुर पुलिस ने एक नहीं सुनी और उल्टे उन्हें ही डराते धमकाते रहे. मारपीट मामले में केस करने का नतीजा रहा कि जगदीश सहनी वगैरह ने बीते सात फरवरी 2015 को उसके 12 वर्षीय बालक पुलकित कुमार का कोचिंग जाने के दौरान अपहरण कर लिया. जिसका अभी तक कोई अता पता नहीं चल पाया है. मामले में एसपी सुपौल के हस्तक्षेप के बाद जगदीश सहनी सहित आधा दर्जन लोगों पर अपहरण की प्राथमीकि दर्ज है. पीड़िता सुधा देवी ने रोते विलखते हुए कहा कि पुलिस उनके पुत्र को अभी तक बरामद करने में असफल है और इधर उनके पति मारपीट में गंभीर रूप से जख्मी होकर उपचाररत है. उन्होंने आश्चर्य जताते कहा कि मारपीट और अपहरण दोनों मामलो में एसपी सुपौल व डीएसपी त्रिवेणीगंज के आदेश के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है. वहीं गिरफ्तारी नहीं हो पाने की स्थिति में कुर्की जब्ती का भी आदेश निर्गत है. फलस्वरूप सभी आरोपी गांव में वेखौफ होकर छुट्टे घुम रहे हैं. जिनके द्वारा और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जा रही है.
गबन मामले में दो पैक्स अध्यक्षों पर एफआइआर
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