बच्चे रहते हैं भूखे, चावल खाता है पिल्लू

निरीक्षण. प्रखंड में एक भी विद्यालय में नहीं चल रहा सही तरीके से एमडीएम गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों की जांच शिक्षा समिति के सदस्य व पंसस ने की गम्हरिया : प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों को बुधवार को शिक्षा समिति के सदस्य एवं पंसस के द्वारा विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया. […]

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निरीक्षण. प्रखंड में एक भी विद्यालय में नहीं चल रहा सही तरीके से एमडीएम

गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों की जांच शिक्षा समिति के सदस्य व पंसस ने की
गम्हरिया : प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों को बुधवार को शिक्षा समिति के सदस्य एवं पंसस के द्वारा विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान बच्चों की उपस्थिति से लेकर, बच्चों का समय से हाजारी नहीं बनाना, मीनू के अनुसार भोजन नहीं देना, अधिक दिनों से बच्चों को माध्याह्न भोजन नहीं देने से चावल का सड़ जाना, शिक्षक समय से विद्यालय नहीं पहुंचने समेत अन्य बातें सामने आयी.
बभनी पंचायत के शेक नारायण मध्य विद्यालय में 11 बजे पाया गया कि बच्चों की उपस्थिति पंजी पर हाजारी नहीं बनाया गया. साथ ही माध्यान भोजन में स्टॉक पंजी में चावल 550 किलो दर्ज था. लेकन गोदाम में मात्र 50 किलो ही चावल पाया गया और वो भी सड़ा हुआ. देखा गया कि चावल में मरा हुआ चुहा एवं पिल्लु है. गौरतलब हो कि ग्रामीणों ने शिकायत किया कि कई महीनों पूर्व प्रधानाध्यापक पर चावल चोरी का मामला प्रकाश में आया था. इस बात को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने एचएम से स्पष्टीकरण भी पूछा था. जहां मंगलवार को बच्चों की उपस्थित 40 थी. लेकिन बच्चों की संख्या 20 से 25 थी.
विद्यालय में भारी अनियमितता पायी गयी. इस बाबत शिक्षा समिति के सदस्य ने इसकी जानकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दिये. वहीं नवसृजित प्राथमिक विद्यालय गोढियारी यादव टोला बभनी का औचक निरीक्षण किया. विद्यालय प्रधान की लापरवाही के कारण समय से बच्चों की हाजरी नहीं बनायी जाती है. पूछने पर प्रधानाध्यापिका पूनम कुमारी ने बताया कि बच्चों की उपस्थिति 12 बजे के बाद बनाते है. बच्चों की स्थिति नाम मात्र थी.
वहीं नवसृजित प्राथमिक विद्यालय दाहा मुसहरी में पाया गया बच्चों की दो दिन से उपस्थिति दर्ज नहीं की गयी थी. विद्यालय में सही से माध्यान भोजन नहीं बनाया जाता है. निरीक्षण के क्रम में पंसस सदस्य सह शिक्षा समिति के सदस्य मिथिलेश कुमार, उप प्रमुख दिनेश चौधरी, पंसस राम कुमार, गुजन भारती, राज कुमारी देवी, निर्मला देवी, सदानंदन यादव, उमेश यादव, प्रमोद प्रभाकर, दिप नारायण यादव समेत ग्रामीण मौजूद थे.
मनमाने तरीके से होता विद्यालय का संचालन : जीतापुर प्रतिनिधि के अनुसार सदर प्रखंड के कई विद्यालय इन दिनों मनमाने तरीक से विद्यालय खोलना और बंद करना धड़ल्ले से जारी है. कब प्रधान एवं शिक्षक स्कूल आते है और कब विद्यालय से जाते है इसका पता नहीं चल पाता है. इस तरह चलता रहा तो बच्चों का भविष्य अधर में लटक कर रह जायेगा. वहीं कई विद्यालय ऐसे है जहां दो विद्यालय का पढाई एक ही विद्यालय होता. सुबह में नवसृजित विद्यालय और बारह बजे से मध्य विद्यालय. लेकिन शिफ्टिंग वाला एक भी विद्यालय सहीं ढंग से नहीं चल पाता है. मध्य बिद्यालय पररिया दस बजे तक एक टीचर नहीं पहुंचे. जबकि यहां आठ टीचर पद स्थापित है. स्थानीय लोगों ने बताया कि शिक्षक कभी भी समय से नहीं पहुंचते है. इसके कारण बच्चे भी समय से नहीं पहुंचते है. उर्दू प्राथमिक विद्यालय सुखासन में प्रधानाध्यापक की मनमर्जी के कारण विद्यालय मसजिद के आगे छोटा सा खोली बनाकर सड़क के किनारे चलाते है. इससे बच्चों की दुर्घटना होने आशंका बानी रहती है. पिछले दिनों प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जनार्दन प्रसाद निराला औचक निरीक्षण किये थे. जिसमें मात्र एक शिक्षक ही उपस्थित पाये गये. इसपर बीइओ ने डांट फटकार लगाई थी. ग्रामीण पूर्व मुखिया राजकिशोर यादव, संजय कुमार रणविजय, रामविलाश, देवकिशोर, राजेश प्रवीण ने बताया किया इस तरह हमलोग कई बार प्रखंड से लेकर जिला तक के अधिकारी को शिकायत किया. लेकिन शिक्षा की स्थिति में सुधार लाने के दिशा में अब तक कोई पहल नहीं किया गया. अधिकतर विद्यालय बंद ही रहते है और जहां खुलता भी है तो सह से संचालन नहीं होता है. सभी जिलाधिकारी से मांग किया कि विद्यालयों की स्वयं जांच कर शिक्षा व्यवस्था सुधारें.
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