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यातायात नियमों की अनदेखी से हो रही हैं दुर्घटनाएं

मधेपुरा : हर बार की तरह इस बार भी शहर में पूरे सातों दिन सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, लेकिन ये सप्ताह उस वक्त औपचारिकता में सिमटता नजर आ रहा है, जब सड़कों पर नियम धराशाही होते नजर आ रहे हैं. हमेशा की तरह शहर के मुख्य चौराहों पर हालत बिगड़ी हुई दिखाई […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 17, 2017 6:11 AM

मधेपुरा : हर बार की तरह इस बार भी शहर में पूरे सातों दिन सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, लेकिन ये सप्ताह उस वक्त औपचारिकता में सिमटता नजर आ रहा है, जब सड़कों पर नियम धराशाही होते नजर आ रहे हैं. हमेशा की तरह शहर के मुख्य चौराहों पर हालत बिगड़ी हुई दिखाई बाजार में भी व्यवस्थाएं पुलिस के नियंत्रण से बाहर हो रही हैं. गौरतलब है कि ट्रैफिक को लेकर हर साल नये प्रयास होते हैं और तमाम आदेश जारी होते हैं.

लेकिन इन आदेशों का सख्ती से पालन नहीं होने से सब कुछ ढेर हो जाता है. ट्रैफिक सुधार को लेकर प्रशासन के प्रयासों में आम लोगों का सहयोग कम ही रहता है. मसलन अभी तक ट्रैफिक सुधार के प्रयास हुए लेकिन मनमानियों के चलते ठोस कदम नहीं उठाये गये. यही कारण है कि अभी भी शहर में ट्रैफिक बदहाल है. शहर में ट्रैफिक सुधार के लिए हमने सात ऐसे लक्ष्य ढूंढें है जिन्हें पूरा कर लिया जाए तो नगर के ट्रैफिक में काफी सुधार हो सकता है. लेकिन इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रशासन, पुलिस और नगरपालिका को सामंजस्य बनाना होगा.

नियम जानते हैं, मानते नहीं. सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान शहर की ट्रैफिक पुलिस पूरे समय औपचारिकताएं निभाती नजर आ रही है. पुलिस ने न तो ट्रैफिक के नियमों का पालन को लेकर लोगों को समझाया और न ही कोई कार्रवाई करते है. गंभीर बात यह है कि अधिकांश लोगों को ट्रैफिक के नियम मालूम तो हैं लेकिन वे उनका पालन नहीं करते. फिर चाहे ओवरलोडिंग हो या सड़क पर वाहनों की पार्किंग का मामला. ऐसे में हालात शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई है.

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