700 साल पुरानी पंजी को देख अविभूत हुए डीएम

आयोजन. सौराठ सभा को पुनर्जीवित करने की नयी पहल रहिका : ऐतिहासिक सौराठ सभा गाछी में मिथिला ब्राह्मण महासभा द्वारा पाग सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. समारोह की अध्यक्षता महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. प्रो. विष्णुकांत मिश्र ने की. सभा में आये सभी आगंतुक को पाग से सम्मानित किया गया. प्रदेश अध्यक्ष ने सभा […]

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आयोजन. सौराठ सभा को पुनर्जीवित करने की नयी पहल

रहिका : ऐतिहासिक सौराठ सभा गाछी में मिथिला ब्राह्मण महासभा द्वारा पाग सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. समारोह की अध्यक्षता महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. प्रो. विष्णुकांत मिश्र ने की. सभा में आये सभी आगंतुक को पाग से सम्मानित किया गया.
प्रदेश अध्यक्ष ने सभा गाछी ऐतिहासिक को बरकरार रखने, ब्राह्मणों को आपसी भेद भाव को हटाकर एकजुटता लाने समय-समय पर सभा गाछी में बैठक करते अपनी प्राचीन काल की गरिमा को पुनस्थापित करने का आह्वान किया. प्रदेश उपाध्यक्ष शुभशंकर झा ने कहा कि आपसी फुट के कारण ही ब्राह्मणों की गरिमा में ह्रास का कारण बताया.
सौराठ सभा गाछी के संयोजक मनोज मिश्र ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ब्राह्मणों में एकता कायम करने हेतु नौजवानों को आगे आना होगा. गांव गांव भ्रमण कर संगठन को मजबूत करना होगा.
शेखरचंद्र मिश्र ने कहा कि सभी पंचायती में कमिटी गठन पर बल दिया. सुशील कुमार चुन्नू ने कहा कि ब्राह्मणों माजिक एवं राजनीतिक हस्तियों पर चले जाने पर चिंता व्यक्त की है. परमानंद झा को द्वितीय संरक्षक के रूप में सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया. उन्होंने कहा कि मिथिला ब्राह्मणों महासभा के विकास एवं पूर्ण संगठित करने में वित्त को आड़े हाथ नहीं आने दिया जायेगा. इस मौके पर मोहन झा, कैलाश मिश्र, संतोष झा, श्रवण झा, पंडित रमानाथ झा, विनोद कुमार झा, प्रफुल्ल चंद्र मिश्र सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे. इससे पहले बुधवार को राम जानकी सेना के द्वारा वर पक्ष व कन्या पक्ष के लिये भोज का आयोजन किया गया. वहीं सौराठ सभा गाछी परिसर में पौधरोपन भी किया गया. इसमें लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. जनचेतना अभियान के तहत कार्यक्रम भी आयोजित किया गया.
डीएम ने किया पंजी प्रथा का अवलोकन . गुरुवार को जिला पदाधिकारी शीर्षत कपित अशोक, एसडीओ अभिलाषा नारायण सहित अन्य अधिकारी भी सौराठ सभा गाछी पहुंचे. इस दौरान जिला पदाधिकारी ने पंजीकार के पास बैठकर पंजी व्यवस्था की जानकारी हासिल की. इस दौरान पंजीकार ने उन्हे सात सौ साल पुरानी पंजी से अवगत कराया व मौके पर ही दो सौ साल
पुराना पंजी दिखाया भी. इसे डीएम ने अनूठा कहा.
वहीं इसे सहेजकर रखने के लिये पंजीकारों की जमकर तारीफ भी की.
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