profilePicture

मधुबनी शिवलिंग विवाद में बाबूबरही के थानेदार लाइन हाजिर, हटाये गये सीओ, अगले आदेश तक इंटरनेट सेवा बंद

मधुबनी : बाबूबरही थाना क्षेत्र के खोजपुर व बेला गांव के बीच विवाद का कारण बने शिवलिंग का मामला अपनी तरह के निबटाने पहुंची पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. ताजा सूचना के मुताबिक एसपी ने बाबूबरही के थानेदार पंकज आनंद को लाइन हाजिर कर दिया है. पंकज की जगह पर अशोक कुमार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 30, 2017 10:55 AM
an image

मधुबनी : बाबूबरही थाना क्षेत्र के खोजपुर व बेला गांव के बीच विवाद का कारण बने शिवलिंग का मामला अपनी तरह के निबटाने पहुंची पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. ताजा सूचना के मुताबिक एसपी ने बाबूबरही के थानेदार पंकज आनंद को लाइन हाजिर कर दिया है. पंकज की जगह पर अशोक कुमार को नया थानेदार बनाया गया है. वहीं, बाबूबरही के अंचलाधिकारी बिरेंद्र कुुमार सिंह को हटा दिया गया है.मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मधुबनी में इंटरनेट सेवा को पूरी तरह बंद कर दिया है. बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी के अगले आदेश तक इंटरनेट सेवा को बंद रखा जायेगा.

इससे पूर्व बीते पांच अप्रैल को नहर चौक के पास नवका गांव के एक खेत से शिवलिंग मिला था. शिवलिंग खोजपुर गांव की एक बच्ची को मिला था, जिसके बाद वहां के लोगों ने गांव के मंदिर परिसर में शिवलिंग की स्थापना कर दी और पूजा-अर्चना करने लगे, लेकिन बेला पंचायत के लोगों का कहना था कि शिवलिंग उनके इलाके से मिला है. इस वजह से उस पर उन लोगों का हक है. इसी को लेकर पिछले दो माह से विवाद चल रहा था. बेला पंचायत के ग्रामीण धरना, प्रदर्शन व अनशन के जरिये शिवलिंग को वापस पाना चाह रहे थे. मामला सुलझता नहीं देख पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने शिवलिंग को जब्त करने की रणनीति बनायी थी. इसी वजह से बुधवार की रात बड़ी संख्या में पुलिस जवानों के साथ अधिकारी खोजपुर गांव के शिव मंदिर पहुंचे थे.

जानकारी के मुताबिक पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में जवान खोजपुर गांव पहुंचे थे, ये लोग शिवलिंग को उखाड़ लेना चाह रहे थे. इसी बीच शुरू हुए विवाद में एक व्यक्ति की जान चली गयी, जबकि दस से ज्यादा लोग घायल हो गये. मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को विरोध की वजह से भागना पड़ा. इसके बाद गुस्साये ग्रामीणों ने जेसीबी समेत पुलिस की पांच गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था.

ग्रामीण के गुस्से को देखते हुये लगभग दस घंटे तक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं गये. बाद में डीएम व एसपी की मध्यस्थता के बाद स्थिति में सुधार हुआ और शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया. मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. ग्रामीणों में आक्रोश है. बुधवार की रात विवाद के दौरान फायरिंग व जमकर पथराव हुआ था. अब इस मामले में पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है. सभी दोषियों की पहचान की जा रही है.


यह भी पढ़ें-

खेत में मिला शिवलिंग, कब्जे में लेने गयी पुलिस, हमला, पांच वाहन फूंके

Next Article

Exit mobile version