नैंसी हत्याकांड का आज तक खुलासा नहीं
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यादों में 2017 . जिले में हुई कई बड़ी घटनाओं को याद कर आज भी खड़े हो जाते हैं रोंगटे
साल 2017 अब जाने को है. नये साल के आगमन में हर ओर तैयारी भी हो रही है. पर इस बीते एक साल में कई ऐसी घटनाएं घटीं जो लोगों को रुलाने वाला रहीं. प्रभात खबर बीते एक साल की अच्छी बुरी घटनाओं व यादगार पहलुओं को पाठकों के बीच लाने की कोशिश कर रहा है. पेश है इस पहल की पहली कड़ी. इसमें हम आज बीते एक साल की पांच बड़ी घटनाओं का जिक्र कर रहे हैं. ये घटनाएं ऐसी रही जो िजले के लोगों को अंदर तक झकझोर दिया था. ये घटनाएं आज भी िजले के लोगों के जेहन में है.
लोग इस मामले में इंसाफ की मांग कर रहे हैं.
मधुबनी : बीते 25 मई को अंधरामठ थाना क्षेत्र के रवींद्र झा की बारह वर्षीय नैंसी की हत्या कुछ लोगों ने कर दिया. पहले नैंसी का अपहरण ठीक उस दिन उसके घर के समीप से ही कर लिया गया जिस दिन नैंसी अपनी बुआ की शादी के मेंहदी रश्म में अपने पड़ोस में गई थी़ वापसी संध्या तक नहीं हुई तो उसकी खोजबीन की जाने लगी. 27 मई को नैंसी का शव तिलयुगा नदी के किनारे मिला था़ शरीर पर काला निशान था़ पूरा इलाका नैंसी की हत्या से आक्रोश में था़ नैंसी के पिता कुमार रवीन्द्र नारायण ने अंधरामठ थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी. जिसमें गांव के ही दो सहोदर भाई लालू झा एवं पवन झा को नामजद किया़
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया उसके बाद इस हत्याकांड में राजनीति की शुरुआत हो गई़ मशहूर गायिका शारदा सिन्हा तक ने अपराधियों के फांसी की सजा की मांग कर दी थी. लोगों का आक्रोश थमने का नाम ही नहीं ले रहा था. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से लेकर बड़े छोटे नेताओं का आगमन हुआ. सरकार ने एसआईटी का गठन कर दिया़ इस बीच पुलिस टीम ने लालू झा एवं पवन झा को पहले तथा बाद में एसआईटी टीम ने नैंसी के परिजन राघवेंद्र झा एवं पंकज झा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया़ दो बार इस घटना की जांच के लिये एसआइटी का गठन किया गया.
पर आज तक मामला सुलझ नहीं सका है.
बाबूबरही. साल में कई बड़ी घटनाएं घटी. लोगों पर धर्म व आस्था के कारण भी पुलिस ने बर्बरता पूर्वक कार्रवाइ की. बीते 29 जून को बाबूबरही पूरी तरह उबाल पर रहा. दरअसल बाबूबरही थाना क्षेत्र के खोजपुर के नहर चौक के समीप नवका गांव के एक खेत से बीते पांच अप्रैल को मिले शिव लिंग को कब्जे में करने बुधवार की रात भारी संख्या में पहुंची पुलिस प्रशासन को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. पुलिस खोजपुर गांव स्थित शिव मंदिर परिसर में स्थापित शिव लिंग को अपने कब्जे में करने के लिये भारी संख्या में जेसीबी मशीन लेकर पहुंची थी.
पर जैसे ही लोगों को इस बात का पता चला, पूरे खोजपुर गांव के लोग मंदिर परिसर में जुट गये और पुलिस प्रशासन का विरोध कर दिया. आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस जवान पर हमला कर दिया. इस घटना में स्थानीय एक व्यक्ति की मौत हो गयी. जबकि पांच पुलिस के जवान सहित करीब दस लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. मृतक की पहचान खोजपुर निवासी मांगनदेव साह के रूप में की गयी है. इस दौरान कई राउंड फायरिंग भी की गयी.
पुलिस प्रशासन के रवैये से आक्रोशित लोगों ने रात में ही एक जेसीबी मशीन, फुलपरास डीएसपी की गाड़ी सहित पुलिस के पांच वाहनों व कई बाइक में आग लगा दिया.
लोगों का आक्रोश देख कर पुलिस अधिकारी व जवान भाग गये.
मधुबनी. भच्छी उत्तरवारी टोला के बाहर गैस गोदाम के समीप बने एक घर में रहने वाले एक परिवार ने कुत्ते पर पत्थर फेंकने के कारण गांव के ही एक पिता पुत्री की चाकू मार कर हत्या कर दी. इसमें उत्तरवारी टोला निवासी भोला मुखिया एवं उसकी पुत्री आरती की हत्या हुई. इसके बाद अपराधी परिवार ने अपने आप के घर में बंद कर लिया. बताया जा रहा है कि लोगों के द्वारा घर को घेरे जाने के बाद अपराधियों ने अंदर से फायरिंग भी की था. बाद में घटना की जानकारी नगर थाना पुलिस को दी गयी. सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस जवानों के साथ डीएसपी कुमार इंद्रप्रकाश मौके पर पहुंचे.
इधर, आक्रोशित ग्रामीणों ने घर पर रोड़े पत्थर बरसाने शुरू कर दिया. जिसके जवाब में अंदर बंद अपराधी भी रोड़ेबाजी करने लगे. करीब चार घंटे तक यह घटनाक्रम चलती रही. रह रह कर ग्रामीण बंद घरों में बाहर से पेट्रोल व केराेसिन तेल में कपड़े भिगोंकर उसमें आग लगा कर अंदर फेंकते रहे. इस चार घंटे के दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही.
बाद में देर शाम करीब साढे सात बजे एसपी दीपक बरनवाल पुलिस जवानों को लेकर पहुंचे. इस दौरान लोगों की भीड़ को हटाने के लिये पुलिस ने करीब दस राउंड फायरिंग भी की एवं लोगों पर जमकर लाठी भी चलायी. बंद अपराधियों को पुलिस की वर्दी पहनाकर सुरक्षित निकाल लिया गया.