1990 से 95 तक स्वास्थ्य विभाग में हुई अवैध नियुक्ति में 47 कर्मियों पर की जायेगी कार्रवाई

मधुबनी : साल 1990 से 1995 तक स्वास्थ्य विभाग में किये गये नियुक्ति के मामले में अब कार्रवाई के आदेश अधिकारियों ने दे दिया है. इस मामले में अब कथित तौर पर अवैध 47 कर्मियों पर कार्रवाई होना तय हो गया है. तत्कालीन सिविल सर्जन द्वारा किये गये वर्ग 3 व 4 के पदों पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मधुबनी : साल 1990 से 1995 तक स्वास्थ्य विभाग में किये गये नियुक्ति के मामले में अब कार्रवाई के आदेश अधिकारियों ने दे दिया है. इस मामले में अब कथित तौर पर अवैध 47 कर्मियों पर कार्रवाई होना तय हो गया है. तत्कालीन सिविल सर्जन द्वारा किये गये वर्ग 3 व 4 के पदों पर किये गये नियुक्ति मामले में लोकायुक्त व विभाग ने संदिग्ध पाये गये 47 कर्मियों पर विभागीय कारवाई करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया है. साथ ही विभागीय कारवाई का जांच प्रतिवेदन एक माह में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

क्या है मामला. वर्ष 1990-95 में तत्कालीन सिविल सर्जन डा. इरकुश टोप्पो द्वारा वर्ग 3 एवं 4 के पदों पर लगभग 4 दर्जन से अधिक कर्मियों की नियुक्ति किया गया था. इस संबंध में लोकायुक्त के समक्ष अवैध नियुक्ति का मामला दर्ज कराया गया. जिसके बाद लोकायुक्त द्वारा इस संबंध में विभागीय जांच कराया गया. वर्षों हुई जांच के बाद लोकायुक्त को इस मामले में सभी प्रतिवेदन अगस्त माह में सौंपा गया. जिसके बाद लोकायुक्त ने इस मामले में 47 कर्मियों के नियुक्ति को संदिग्ध पाते हुए सिविल सर्जन को उक्त कर्मियों के विरूद्ध विभागीय कारवाई का निर्देश दिया है. साथ ही किये गये कारवाई का प्रतिवेदन 30 दिनों में सौंपने का निर्देश दिया है.
तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
सभी 47 संदिग्ध नियुक्त कर्मियों पर विभागीय जांच के लिए सिविल सर्जन डा. अमर नाथ झा की अध्यक्षता में तीन सदस्यी जांच टीम गठित किया गया है. जिसमें जिला संचारी रोग पदाधिकारी डा. आरके सिंह व जिला मलेरिया पदाधिकारी डा. एएन प्रसाद को शामिल किया गया है. जांच समिति द्वारा 15 सितंबर तक सभी संदिग्ध नियुक्त कर्मियों को अपने नियुक्ति संबंधी सभी साक्ष्यों व कागजातों को जांच समिति को प्रस्तुत करना है. जिसके बाद जांच प्रतिवेदन लोकायुक्त को सौंपा जायेगा.
हड़कंप. लोकायुक्त व विभाग के आदेश के बाद अब अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य महकमा में काम करने वाले संबंधित कर्मियों सहित अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है. एक ओर जहां अवैध तौर पर नियुक्त कर्मियों के नौकरी जाने, कार्रवाई होने का भय है वहीं अधिकारियों में भी सालों तक बिना कागजात के पैसे का भुगतान करने, अस्पताल में काम करने के बाद भी इसकी जांच नहीं किये जाने पर होने वाले कार्रवाई का भय सता रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में सिविल सर्जन डा. अमर नाथ झा ने बताया कि लोकायुक्त द्वारा 47 कर्मियों की नियुक्ति को संदिग्ध पाया गया है. जिसके लिए लोकायुक्त द्वारा उक्त कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. लोकायुक्त के निर्देशन में सभी संदिग्ध कर्मियों की जांच की जायेगी.
लोकायुक्त व विभाग ने दिया सीएस को विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश
सीएस की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
मामला तत्कालीन सीएस द्वारा की गयी वर्ग 3 व 4 के पदों पर नियुक्ति का
47 कर्मियों को पाया गया है संदिग्ध नियुक्ति
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