अस्पताल से पीएचसी में सामान ढुलाई के नाम पर हुई गड़बड़ी

पिकअप वैन का नंबर निकला कुशेश्वर स्थान के एक ट्रैक्टर के ढाला का वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय में अन्य मामलों में भी कई खामियां उजागर जांच रिपोर्ट में सामने आया मामला मधुबनी : सदर अस्पताल में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय द्वारा सामानों के ढुलाई मामले सहित अन्य मामलों में व्यापक तौर पर राशि […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

पिकअप वैन का नंबर निकला कुशेश्वर स्थान के एक ट्रैक्टर के ढाला का

वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय में अन्य मामलों में भी कई खामियां उजागर
जांच रिपोर्ट में सामने आया मामला
मधुबनी : सदर अस्पताल में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय द्वारा सामानों के ढुलाई मामले सहित अन्य मामलों में व्यापक तौर पर राशि का दुरूपयोग किये जाने का मामला सामने आया है. इस मामले की जांच मे यह बात सामने आयी है कि भुगतान के दौरान जिस पिकअप वैन से सामान की ढुलाई का जिक्र करते हुए राशि का उठाव किया गया, उस नंबर का पिकअप वैन है ही नहीं.
भुगतान के लिये दिये गये कथित पिकअप वैन का नंबर कुशेश्वरस्थान के एक व्यक्ति के ट्रैक्टर का ढाला का नंबर है. इसके अलावे छिड़काव कर्मियों के दैनिक मजदूरी राशि से कार्यालय की साज सज्जा, आलमीरा, कुर्सी, टेबुल के क्रय किये जाने में अनियमितता का मामला जांच दल द्वारा उद्भेदन किया गया है. तीन सदस्यीय जांच दल में सभी मामलों का जांच प्रतिवेदन सीएस को सौंप दिया गया है.
भाड़ा मद में 44 हजार खर्च : अधिकारियों के मिलीभगत से पैसे को दोनों हाथ से खोल कर लुटाया गया है. जांच रिपोर्ट के अनुसार जिला के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर अप्रैल 19 में पिकअप वैन से एक आलमीरा, एक टेबुल एवं एक विजिटर चेयर को भेजने में 44 हजार 270 रुपये का व्यय किया गया. जिसका भुगतान गाड़ी मालिक चंदू गुप्ता को किया गया.
जांच दल द्वारा इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी दरभंगा से जानकारी प्राप्त किया गया तो चौकाने वाले तथ्य सामने आये. गाड़ी नं. बीआर 7 जी 3117 का निबंधन दीपक कुमार पिता रामदेव यादव ग्राम जुरैना, पे. सुधरन थाना कुशेश्वर स्थान जिला दरभंगा के नाम से पाया गया. जो एक ट्रेलर का नंबर है.
स्टोर से सामान गायब : 995 स्टीरफ पंप की खरीदारी की थी. पर जांच दल द्वारा मात्र 293 पिस का ही मिलान हो सका. इसी प्रकार 1950 बाल्टी में से 460 का ही जांच दल द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया. 1490 बाल्टी गायब हो गया. इसके अलावे और कई ऐसे मामले हैं.
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