मधुबनी : साफ सफाई, पथ्य आहार व कपड़ा धुलाई के चयनित आउट सोर्सिंग एजेंसी के एकरारनामा की अनुशंसा डीएम द्वारा कर दी गयी. जिसके नये एजेंसी से एकरारनामा करने की स्वास्थ्य विभाग की कवायद शुरू कर दी गयी. वर्तमान में पुष्प भारती एजेंसी द्वारा सदर अस्पताल की साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है.
इधर साफ-सफाई का आलम यह है कि पूरा परिसर झाड़ झंखाड़में तब्दील हो गया है. अस्पताल परिसर का कोई ऐसा जगह नहीं हैं. जहां झाड़ झंखार न उगा हो. इसके साथ ही ओपीडी सहित सभा कक्ष स्थित शौचालय की स्थिति इतनी दयनीय है कि चिकित्सक व कर्मी सहित मरीज भी इन शौचालयों में जाने से भी परहेज करते हैं. ओपीडी के कई कर्मियों ने बताया कि शौचालय में साफ सफाई की तो व्यवस्था लचर है ही साथ ही इतना दुर्गंध आता है कि वहां एक मिनट भी नहीं रूका जा सकता है. जबकि साफ सफाई के नाम पर प्रति माह लगभग दो लाख रुपये का विपत्र भुगतान एजेंसी को किया जाता है.
समाहरणालय के सभा कक्ष में 5 मार्च 19 में साफ सफाई सेवा के लिए प्राप्त कुल 13 निविदाओं के तकनीकी मूल्यांकन के क्रम में पांच निविदाओं को निरस्त किया गया. शेष 8 निविदाओं को डीएम द्वारा गठित क्रय चयन समिति द्वारा खोला गया. जिसके आधार पर प्राप्त न्यूनतम दर 2.20 रुपये प्रति वर्ग मीटर मेसर्स लिच्छवी फाउंडेशन का पाया.
जिस आधार पर एजेंसी का चयन किया गया. वहीं पथ्य आहार आपूर्ति सेवा के लिए मेसर्स सुविधा को प्रति मरीज 79 रुपये प्रति दिन के दर के लिये जिम्मेदारी दी गयी. इसी प्रकार जबकि कपड़ा धुलाई के लिए मेसर्स दीपक श्री फाउंडेशन पाया गया. जिसका न्यूनतम दर छोटे कपड़ों के लिए 3.55 रुपये और बड़े कपड़ों के लिए 7.95 रुपया पाया गया.