राशि की कमी का रोना रो रही जिप!

मधुबनी : पंचायत चुनाव को लेकर हर ओर सरगर्मी बढ़ गयी है. त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि अपने अपने क्षेत्र के मतदाताओं के पास एक बार फिर जाकर वोट मांगने की तैयारी भी शुरू कर दी है. ऐसे में जनता भी यह लेखा जोखा करने लगे हैं कि उनके पंचायत में चुनाव के दौरान किये गये वायदों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मधुबनी : पंचायत चुनाव को लेकर हर ओर सरगर्मी बढ़ गयी है. त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि अपने अपने क्षेत्र के मतदाताओं के पास एक बार फिर जाकर वोट मांगने की तैयारी भी शुरू कर दी है. ऐसे में जनता भी यह लेखा जोखा करने लगे हैं कि उनके पंचायत में चुनाव के दौरान किये गये वायदों को उनके प्रतिनिधि ने किस हद तक पूरा किया. किस हद तक वे अपने वायदों पर खड़ा उतरे हैं.
इस दिशा में हमने जिला परिषद सदस्यों के द्वारा इन पांच सालों में किये गये वायदे को किस हद तक पूरा करने का पहल किया गया. सरकार द्वारा किस मद में राशि आवंटित की गयी या फिर अधिकारों को छीन लिया गया जो पूर्व में मिला करता था, को लेकर पड़ताल किया है. पहली कड़ी में जिला परिषद अध्यक्ष नसीमा खातून के क्षेत्र में किये गये कार्य का लेखा जोखा इस प्रकार है.
वर्तमान जिला परिषद का कार्यकाल कुछ खास नहीं रहा. कई अधिकार जिला परिषद से छीन लिए गये जो पूर्व में मिला करता था. इसमें मनरेगा योजना सबसे अहम है. मनरेगा योजना के तहत काम करने का अधिकार वर्ष 2010 में ही जिला परिषद से ले लिया गया. इसके बाद आधारभूत संरचना की योजना भी बंद कर दिया गया.
प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में जिप के अनुशंसा के अधिकार भी छिन गये. इसको लेकर कई बार जिप सदस्यों ने बातों को बैठक में उठाया भी. वित्तीय वर्ष 2014 -15 के बाद जिप को किसी भी मद में कोई आवंटन नहीं दिया गया है. ऐसे में जिन सदस्य बीआरजीएफ, तेरहवीं, चतुर्थ वित्त के तहत मिले राशि से ही काम किये हैं.
नौ पंचायतों का है क्षेत्र संख्या- 1
जिप क्षेत्र संख्या-एक नौ पंचायतों का है. इसमें गंगौर, फुलहर, पिपरौन, सोठगांव, कलना, नहरनियां, हरलाखी, विसौल एवं करूणा पंचायत शामिल है. इन नौ पंचायतों के करीब 70 हजार मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर जिप सदस्य को चुना था. इस क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में नसीमा खातून विजयी हुई थी. बाद में वे जिप अध्यक्ष भी बनी. कई वायदे को पूरा करने की पहल की गयी तो कई काम नहीं किया जा सका. जिसका मलाल है.
कई सड़कों का हुआ निर्माण
जिप क्षेत्र संख्या एक में कई सड़क का निर्माण वर्तमान जिप अध्यक्ष के द्वारा किये जाने की बात बतायी गयी है. नसीमा खातून बताती हैं कि उनके द्वारा सीमा विकास योजना मद से मधुबनी टोल से पिपरौन होते हुए एनएच-104 तक पीसीसी सड़क का निर्माण किया गया है. इसके साथ ही बीआरजीएफ मद से सड़कों का निर्माण किया गया है.
काम नहीं करने का मलाल
जिप अध्यक्ष को अपने क्षेत्र में कई काम नहीं किये जाने का मलाल है. कहती हैं कि उनके कार्यकाल में वे स्टेट बोरिंग को चालू नहीं करा पायी. कई गांवों में बिजली लगाने की आवश्यकता थी, जो उनके द्वारा नहीं किया जा सका. हालांकि इस मामले को लेकर विभाग को कई बार उन्होंने पत्र लिखा पर इसमें सफलता नहीं मिली.
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