मच्छरों से हो रही परेशानी, नहीं हो रहा फॉगिंग मशीन का उपयोग

मच्छरों से हो रही परेशानी, नहीं हो रहा फॉगिंग मशीन का उपयोग दिवाकर झा : शिक्षकमधुबनी. बढ़ते गर्मी व बरसात के मौसम के दस्तक से शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. इसने लोगों की रात की नींद छीन ली है. इससे मच्छर जनित रोगों की भी पनपे की आशंका बनी रहती है. […]

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मच्छरों से हो रही परेशानी, नहीं हो रहा फॉगिंग मशीन का उपयोग दिवाकर झा : शिक्षकमधुबनी. बढ़ते गर्मी व बरसात के मौसम के दस्तक से शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. इसने लोगों की रात की नींद छीन ली है. इससे मच्छर जनित रोगों की भी पनपे की आशंका बनी रहती है. नगर परिषद को इसके लिए समुचित व्यवस्था करनी चाहिए. नगर परिषद में कहने को तो तीन फॉगिंग मशीन है. पर कहा जाता है कि अधिकांश समय एक दो मशीन खराब ही रहती है. साढ़े तीन वर्ग मील में फैली में करीब 77 हजार की आबादी रहती है. यहां बसने वाले करीब 14 हजार परिवारों को एक फॉगिंग मशीन के धुएं से मच्छरों से राहत नहीं मिल सकती. इतने बड़े शहरी क्षेत्र के लिए और मशीन की आवश्यकता है. फॉगिंग मशीन से शहर में कम से कम दो दिनों पर अवश्य छिड़काव होना चाहिए. यह भी पूरे इलाके में होनी चाहिए. नगर भी पूरे इलाके में होनी चाहिए. नगर परिषद को चाहिए कि मच्छरों के निजात के लिए या तो नई फॉगिंग मशीन की खरीदारी करें या फिर पुराने हो चुके इस मशीन को ठीक कराएं. यह शहर के नागरिकों के लिए आवश्यक हैं. नहीं तो शहर के नागरिक मलेरिया व डेंगू जैसे कई बीमारियों से ग्रसित हो जायेंगे.

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