30 दिन अनुपस्थित रहनेवाले छात्रों का कटेगा नाम
मधुबनी : : अब छात्रों अभिभावकों, शिक्षकों व स्कूल प्रबंधन समिति की लापरवाही व मनमर्जी नहीं चलने वाली. इन पर शिकंजा कसने के लिये बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने नयी पहल शुरू कर दी है. विभाग ने मुहिम नामक अभियान चला कर इन शिक्षकों पर नजर रखने की मन बना ली है. बच्चा स्कूल जाये, […]
मधुबनी : : अब छात्रों अभिभावकों, शिक्षकों व स्कूल प्रबंधन समिति की लापरवाही व मनमर्जी नहीं चलने वाली. इन पर शिकंजा कसने के लिये बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने नयी पहल शुरू कर दी है. विभाग ने मुहिम नामक अभियान चला कर इन शिक्षकों पर नजर रखने की मन बना ली है. बच्चा स्कूल जाये, कोई बच्चा छूट न पाये, नारे के साथ शिक्षा विभाग ने मुहिम नाम से एक अभियान चलाया है.
अब नहीं चलेगा दो जगह नामांकन का फेर . मुहिम के तहत उन अभिभावकों और शिक्षकों पर भी कार्रवाई की जायेगी जो अपने बच्चों को सरकारी लाभ के लिये सरकारी स्कूल में नामांकन करा देते हैं पर वे अपने बच्चों की पढ़ाई निजी विद्यालयों में कराते हैं. ऐसे छात्र केवल सरकारी लाभ लेने भर के लिये ही सरकारी स्कूलों में दो चार दिन साल में जाते हैं. पर अब मुहिम योजना के तहत इन पर नजर रखी जायेगी.
बच्चों को लाने की होगी पहल . सरकारी स्कूल में छात्रों को लाने की पहल होगी इसके लिये निर्देश दिये गये हैं. लगातार तीन दिन छात्र के वर्ग कक्ष से अनुपस्थित रहने की स्थिति में वर्ग शिक्षक छीजित बच्चों के हसपाठियों की मदद से उनसे, उनके माता-पिता एवं अभिभावक से संपर्क कर अनुपस्थित रहने का कारण पता करेंगे तथा विद्यालय आने को कहेंगे. वहीं लगातार 17 दिन स्कूल से अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को संभावित छीजित बच्चे समझे जाएंगे ओर इसकी भी सूची बनायी जाएगी. इसके लिए विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से प्रधानाध्यापक, छात्र-छात्रा एवं उनके माता-पिता व अभिभावक से संपर्क कर उसे विद्यालय आने के लिये प्रोत्साहित करेंगे. लगातार दस दिन अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से प्रधानाध्यापक की सहमति से वर्ग शिक्षक छीजित छात्र-छात्रा एवं उनके अभिभावक से संपर्क कर स्कूल लाने का प्रयास करेंगे.
30 दिन लगातार अनुपस्थित रहनेवाले छात्र छीजित .यदि कोई छात्र अपने नामांकित विद्यालय से लगातार 30 दिन अनुपस्थित रहते है तो उन्हें छीजित समझा जाएगा. इस छीजन को रोकने के लिए छात्र-छात्रा, अभिभावक, वर्ग शिक्षक, एचएम व विद्यालय प्रबंधन समिति की जिम्मेवारी विभाग द्वारा तय की गई है. बावजूद, छात्रों के छीजन नहीं रूकने पर हर विद्यालय में छीजित छात्र-पंजी संधारित किये जाएंगे. प्रधानाध्यापक छीजित बच्चों की सूची विहित प्रपत्र में संकूल समन्वयक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को देंगे. जो अपने स्तर से प्रयास करने के साथ जिला को अवगत कराते हुए सहयोग प्राप्त करेंगे. लगातार 24 दिन अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को छीजन के खतरे में रखा जायेगा.
मुहिम योजना रखेगा छात्र व शिक्षकों पर नजर
केवल सरकारी लाभ के लिये नामांकन कराने के आदत पर लगेगी रोक