संवेदनशील बनें अिधकारी
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प्रशिक्षण. जुबेनाइल जस्टिस एक्ट होगा प्रभावी
मधुबनी : विशेष किशोर पुलिस ईकाई में लगे पुलिस पदाधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार को समाहरणालय के सभागार में हुई. जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में एसपी दीपक बरनवाल के पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित करते हुए कहा कि एक्ट के प्रावधान के अनुरूप सभी अधिकारी संवेदनशील होकर कार्य करें. कानून के दायरे में रहकर ही हर काम करना चाहिए. ताकि इससे आम लोगों को भी सीख मिले. वहीं विशिष्ट दत्तक ग्रहण अधिग्रहण के समन्वयक प्रेम कुमार भारती ने प्रशिक्षण में कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे के लिए सन 2000 में पहली बार कानून बना. बच्चों के संबंध में आईपीसी की धारा के बदले किशोर न्याय के नियम ही लागू होगे. इस नियम में बच्चे को हथकड़ी नहीं लगाने के प्रावधान है.
बच्चों को रखने के लिए बाल कल्याण समिति एवं बालिका गृह जैसे संस्थान खोले गए है. . प्रशिक्षण में जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक सुबोध कुमार कर्ण, बाल संरक्षण पदाधिकारी (सांस्थानिक) पंकज कुमार सिंह, बाल संरक्षण पदाधिकारी (गैर सांस्थानिक) संगीत कुमार ठाकुर, किशोर न्याय परिषद के सदस्य डॉ रजनीबाला अग्रवाल, विन्दू भूषण ठाकुर, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नेसार अहमद, सदस्य रिजबानुल्लाह, प्रेम शंकर प्रसाद सिंह, निरजा कुमारी, बालिका गृह की अधीक्षक आलया खुर्शीद, सामाजिक कार्यकर्ता भवेश कुमार एएसपी एके पांडेय, जिले के सभी थानाध्यक्ष व पुलिस निरीक्षक उपस्थित थे.