बरियारपुर स्टेशन पर फिर अपराधियों का तांडव शुरू

दुस्साहस.अपह्त यात्री को पुलिस ने कराया मुक्त मुंगेर : बरियारपुर रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर अपराधियों का तांडव शुरू हो गया है. दिनदहाड़े सियालदह-वाराणसी एक्सप्रेस की बोगी में घुस कर जहां हथियारबंद अपराधियों ने यात्रियों के साथ मारपीट की. वहीं एक यात्री को अगवा कर लिया. यह तो गनीमत थी कि अपहृत यात्री की […]

By Prabhat Khabar Print Desk | December 22, 2017 4:48 AM

दुस्साहस.अपह्त यात्री को पुलिस ने कराया मुक्त

मुंगेर : बरियारपुर रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर अपराधियों का तांडव शुरू हो गया है. दिनदहाड़े सियालदह-वाराणसी एक्सप्रेस की बोगी में घुस कर जहां हथियारबंद अपराधियों ने यात्रियों के साथ मारपीट की. वहीं एक यात्री को अगवा कर लिया. यह तो गनीमत थी कि अपहृत यात्री की पत्नी पूरी मुश्तैदी के साथ ट्रेन के इंजन के आगे बैठ गयी और पति की बरामदगी को लेकर आंदोलन करने लगी. इसके बाद में पुलिस हरकत में आयी और एक घंटे के अंदर यात्री को मुक्त कराया गया.
साथी के पकड़े जाने पर दिया घटना को अंजाम: बताया जाता है कि अकबरनगर स्टेशन पर ही अपराधियों ने पीड़ित यात्रियों के साथ लूटपाट करने का प्रयास किया. हल्ला करने पर अन्य रेल यात्रियों ने दो अपराधी को पकड़ कर अकबरनगर रेल पुलिस के हवाले कर दिया. दोनों अपराधी बरियारपुर थाना क्षेत्र का पड़िया निवासी सिंटू कुमार व गांधीपुर निवासी भोला कुमार सिंह है. अपने साथियों को यात्रियों द्वारा पकड़ कर पुलिस के हवाले करने से अपराधी आक्रोशित हो गये और बरियारपुर स्टेशन पर इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया.
ट्रेन में अपराधी मचाते रहे तांडव: बरियारपुर स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद अपराधी ट्रेन की उक्त बोगी में सवार हो गये और जिस यात्री की वजह से उनके साथी पकड़े गये उसके साथ मारपीट करने लगे. ट्रेन में अफरा-तफरी मच गयी, लेकिन बरियारपुर स्टेशन पर तैनात रेल पुलिस आयी तक नहीं और ट्रेन खुल गयी. दो सौ मीटर आगे रेल लोहा पुल के पास अपराधियों ने ट्रेन रोक कर बोगी से यात्री ओमप्रकाश सिंह को उतार लिया.
कहते हैं रेल एसपी: रेल एसपी शंकर झा ने बताया कि तीन पहाड़ के रेलयात्री ओमप्रकाश सिंह अपने परिवार के साथ 13133 अप ट्रेन से पटना जा रहे थे. भागलपुर से जैसे ही ट्रेन खुली कि तीन युवक उसी डब्बे में चढ़े और ऊपरी सीट पर जाकर बैठ गये. वहीं पर ओमप्रकाश सिंह का बैग रखा हुआ था. वे लोग बैग को सीधा कर बैठ गये. इस पर परिजनों को शक हुआ और उठ कर देखा तो बैग को काटा हुआ पाया. इस पर उन्होंने हल्ला मचाया. इसके बाद यात्रियों के सहयोग से दो युवकों को वहां पकड़ लिया, जबकि एक वहां से भागने में सफल रहा. तीनों अपराधी पड़िया के निवासी थे. इस बीच अकबरनगर से ट्रेन खुलने के बाद तीसरे युवक ने मोबाइल से अपने अन्य साथियों को सूचना दे दी. ज्योंहि ट्रेन बरियारपुर पहुंची अपराधी के साथियों ने ओप्रकाश सिंह का अपहरण कर लिया व पास के अरहर के खेत में लेकर चले गये, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया.
पति की बरामदगी के लिए पत्नी बैठी ट्रेन के सामने, एक घंटे ठप रहा परिचालन
ओमप्रकाश सिंह के अपहरण के बाद उसकी पत्नी मुन्नी देवी पति की सकुशल बरामदगी को लेकर ट्रेन के आगे पटरी पर बैठ गयी. इसके बाद बरियारपुर पुलिस सजग हुई और कार्रवाई प्रारंभ की. ओमप्रकाश को अपराधी अपने साथ लेते गये. बरियारपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने अपहृत को छिटका बरेल बहियार से सकुशल बरामद किया और एक अपराधी पड़िया निवासी पप्पू यादव को भी गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य अपराधी फरार हो गये. इस दौरान एक घंटे तक इस रेलखंड पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा.
अटैची लिफ्टर लूटपाट की घटना को देते रहे हैं अंजाम
बरियारपुर रेलवे स्टेशन अटैची लिफ्टर, छिनतई एवं लूटपाट की घटना के लिए मशहूर है. यहां का पड़िया गांव जहां इसके लिए देश भर में मशहूर है वहीं दूसरी ओर यहां के अधिकांश युवा इसी अपराध से जुड़े हुए हैं. देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर यहां के अपराधी ट्रेन में अटैची लिफ्टर, चेन स्नेचिंग व लूटपाट की घटना को अंजाम देते हैं. बरियारपुर स्टेशन पर तो ये लोग हमेशा इस तरह की घटना को अंजाम देते हैं. जो भी विरोध करता है उसके साथ मारपीट ही नहीं करते, उसकी हत्या तक कर देते हैं. 12 अगस्त 2016 को औरंगाबाद जिला सिपाही सौरभ कुमार की हत्या अपराधियों ने बरियारपुर रेलवे स्टेशन पर कर दी थी.

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