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त्योहार के दिन ही उजड़ गया अंजलि का सुहाग

वट सावित्री व्रत के अनुष्ठान से वंचित रह गयी अंजलिप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की थी पढ़ाई अब बने नीति आयोग के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 16, 2018 5:53 AM

वट सावित्री व्रत के अनुष्ठान से वंचित रह गयी अंजलि

अनुष्ठान से पहले ही पति की हो गयी मौत
आर्म्स एक्ट में हुई थी मंजीत की गिरफ्तारी, था डिप्रेशन में
मुंगेर : नयारामनगर थाना क्षेत्र के नौवागढ़ी काली स्थान निवासी एक युवक ने डिप्रेशन में आकर सोमवार की रात जहर खा लिया. जहर खाने के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गयी. इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेते हुए उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
बताया जाता है कि नौवागढ़ी काली स्थान निवासी बौधू साव के 25 वर्षीय पुत्र मंजीत कुमार को आर्म्स एक्ट में 19 जून 2016 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जो दो माह पूर्व जमानत पर जेल से रिहा हुआ था. जेल से आने के बाद उसे बार-बार अब यही चिंता सताये जा रही थी कि केस की सुनवाई के बाद तो उसे सजा हो जायेगी. इसे लेकर वह काफी तनाव में जी रहा था. जैसे-जैसे दिन बीतता गया, वैसे-वैसे उसका तनाव बढ़ता चला गया. सोमवार को वह इतने डिप्रेशन में आ गया कि उसने केस की सुनवाई होने से पहले ही मौत चुन लिया. उसने जहर खा लिया तथा कुछ ही देर में उसकी हालत इतनी बिगड़ गयी कि जब तक उसे इलाज के लिए चिकित्सक के पास ले जाया जाता, तब तक उसकी मौत हो गयी. इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दी. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेते हुए उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
अपने सुहाग को नहीं बचा पायी अंजलि
मंगलवार को जहां महिलाएं अपने सुहाग की सलामती की कामना को लेकर वट सावित्री व्रत के अनुष्ठान में लीन थी, वहीं मृतक मंजीत की पत्नी अंजलि देवी अपना सुहाग उजड़ जाने पर ऊपर वाले को कोस रही थी. एक ओर जहां व्रती महिलाएं सोलह शृंगार कर वट सावित्री की पूजा-अर्चना करने वट वृक्ष के नीचे एकत्रित हो रही थी, वहीं दूसरी ओर कुछ महिलाएं एक-एक कर अंजली के शरीर से सुहाग की हर एक निशानी को मिटा रही थी. कोई उसके चूड़ियों को तोड़ रही थीं, तो कोई उसके मांग से सिंदूर पोंछ रही थीं. स्थिति देखने वालों की आंखों से अनायास ही आंसू छलक रहे थे.
2015 में हुई थी मंजीत की शादी: मालूम हो कि मंजीत व अंजलि का विवाह 6 मई 2015 को हुआ था. दो साल पूर्व ही उसे एक पुत्र की प्राप्ति भी हुई. किंतु मंजीत ने तो मौत को अपने गले लगा लिया, अब उसकी पत्नी को यह चिंता खाये जा रही है कि वह दो साल के बच्चे के साथ इतनी लंबी जिंदगी कैसे बिता पायेगी.

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