अवैध हथियारों का एसेंबल सेंटर बना मुंगेर

बंगाल में बनता है बॉडी मुंगेर में होता है फिनिशिंग मुंगेर : हथियार निर्माण व तस्करी के लिए मुंगेर हमेशा से सुर्खियों में रहा है. मेड इन मुंगेर हथियार सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि सीमावर्ती नेपाल व बंगलादेश तक पहुंचता है. अब मुंगेर 9 एमएम पिस्टल का फिनिशिंग सेंटर का हब बन चुका है. पिछले […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

बंगाल में बनता है बॉडी मुंगेर में होता है फिनिशिंग

मुंगेर : हथियार निर्माण व तस्करी के लिए मुंगेर हमेशा से सुर्खियों में रहा है. मेड इन मुंगेर हथियार सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि सीमावर्ती नेपाल व बंगलादेश तक पहुंचता है. अब मुंगेर 9 एमएम पिस्टल का फिनिशिंग सेंटर का हब बन चुका है. पिछले ढाई वर्ष के दौरान मुंगेर पुलिस एवं रेल पुलिस ने लगभग 700 से अधिक 9 एमएम पिस्टल की बॉडी बरामद की है जो पश्चिम बंगाल से मुंगेर लाया जा रहा था. अवैध हथियारों के विरुद्ध मुंगेर पुलिस द्वारा चलाये जा रहे लगातार अभियान के कारण हथियार निर्माताओं ने रास्ता निकाला कि पिस्टल का बॉडी दूसरे जगह बनाया जाये और फिनिशिंग मुंगेर में किया जाये. समीपवर्ती राज्य बंगाल के कोलकाता, मालदा, साहेबगंज, आसनसोल तथा झारखंड के कुछ क्षेत्रों में पिस्टल के बॉडी का निर्माण होने लगा और उसे मुंगेर लाकर फिनिशिंग किया जाने लगा.
चार दिनों के अंदर पुलिस व एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई : मुंगेर के मुफस्सिल क्षेत्र से लेकर शहर में बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का निर्माण का कारोबार संचालित हो रहा. यही कारण है कि पिछले चार दिनों के अंदर एसटीएफ व पुलिस ने हथियार तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की और लगभग 130 पिस्टल का बॉडी बरामद किया. 22 मई को जहां शहर के पूरबसराय खजुरबन्ना स्थित मो सफी आलम के घर किराये में रहने वाला मो. एजाज आलम उर्फ भोलू के कमरे से 49 पिस्टल का बॉडी बरामद किया गया. जबकि तीन दिन पूर्व ही 19 मई 2018 को एनएच 80 हेरूदियारा के समीप पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान 80 पिस्टल का बॉडी बरामद किया था. जिसमें मुख्य सरगना कासिम बाजार थाना क्षेत्र के हजरतगंज वाड़ा निवासी मो इरफान सहित चार हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया गया था.
कारीगरों की कुशलता दे रहा बढ़ावा : मुंगेर के कारीगर हथियार निर्माण में काफी कुशल है. पहले मुंगेर में ही लेथ मशीन पर पिस्टल की बॉडी व बैरल तैयार होता था और यहीं फिनिशिंग भी दिया जाता था. इसमें समय लगता था. लेकिन पुलिस दबिश के कारण कारीगरों की परेशानी बढ़ गयी और हथियार के कारोबार से सफेदपोश लोग जुड़ गये. इसके बाद बॉडी व बैरल पश्चिम बंगाल व झारखंड में बनाया जाने लगा. वहां से बड़े पैमाने पर तस्करी कर इन अर्धनिर्मित हथियारों को मुंगेर लाया जाता है. जहां पर कुशल कारीगरों द्वारा हथियार को फिनिश किया जाता है.
पिछले कुछ वर्षों में बरामद पिस्टल बॉडी
16 जुलाई 2016 : जमालपुर में रोहित कुमार 20 अर्धनिर्मित पिस्टल के साथ गिरफ्तार
17 अगस्त 2016 : हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस ट्रेन में मो आकिब नामक तस्कर 90 अर्धनिर्मित पिस्टल के साथ गिरफ्तार
16 अक्तूबर 2016 : मुंगेर शहर के पूरबसराय में वाहन चेकिंग के दौरान 32 अर्धनिर्मित हथियार बरामद
17 अक्तूबर 2016 : लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस ट्रेन में अमन कुमार झा 10 अर्धनिर्मित पिस्टल के साथ गिरफ्तार
10 दिसंबर 2016 : जमालपुर स्टेशन पर हावड़ा-गया एक्सप्रेस ट्रेन में 20 अर्धनिर्मित पिस्टल व 20 बैरल लावारिस अवस्था में बरामद
5 फरवरी 2017 : घोरघट के समीप जीतेंद्र व संजय 160 अर्धनिर्मित पिस्टल व 160 बैरल के साथ गिरफ्तार
19 मई 2018 : एनएच 80 हेरूदियारा के समीप पुलिस ने चार तस्करों को 80 पिस्टल बॉडी के साथ किया गिरफ्तार
कहते हैं पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक गौरव मंगला ने कहा कि मुंगेर पुलिस हथियार निर्माण व तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है. सफलता भी हासिल हुआ है. अब कारीगरों ने नया रास्ता अख्तियार कर लिया है. दूसरे राज्यों से बॉडी बनाकर मुंगेर लाता है और यहां इसे एसेंबल कर फिनिशिंग टच दिया जाता है. पुलिस इन पर कड़ी नजर रखे हुए है और छापेमारी भी कर रही है.
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