जमालपुर में रेल विश्वविद्यालय बनता जा रहा चुनावी मुद्दा

मुंगेर : यूं तो लोकसभा चुनाव का मुद्दा राष्ट्रीय फलक पर ही परिलक्षित हो रहा. किंतु स्थानीय स्तर पर जमालपुर स्थित इरिमी को रेल विश्वविद्यालय बनाने व जमालपुर रेल कारखाना को निर्माण कारखाना जैसे मुद्दे जोर मारने लगे हैं. जमालपुर रेल कारखाना के कारण न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि एशिया महादेश में अपनी एक […]

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मुंगेर : यूं तो लोकसभा चुनाव का मुद्दा राष्ट्रीय फलक पर ही परिलक्षित हो रहा. किंतु स्थानीय स्तर पर जमालपुर स्थित इरिमी को रेल विश्वविद्यालय बनाने व जमालपुर रेल कारखाना को निर्माण कारखाना जैसे मुद्दे जोर मारने लगे हैं.
जमालपुर रेल कारखाना के कारण न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि एशिया महादेश में अपनी एक अलग पहचान रखता है. लेकिन वोट की राजनीति करने वाले राजनेताओं ने इस कारखाने के साथ कभी न्याय नहीं किया.
यहां तक कि आधे दर्जन से अधिक बिहारी रेल मंत्री भी जमालपुर रेल कारखाना के विकास में कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी और आजादी के बाद कारखाना के निर्माण कारखाना की मांग फाइलों में ही दम तोड़ती रही है. हाल के वर्षों में जहां जमालपुर स्थित इरिमी से स्पेशल क्लास अप्रेंटिस को छीन लिया गया तो यह मुद्दा जोड़ मारने लगा कि रेलवे जमालपुर स्थित इरिमी को विश्वविद्यालय का दर्जा दे.
क्योंकि यह संस्थान रेलवे इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल अभियंत्रण के क्षेत्र में एक अलग स्थान रखता है. यदि इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिले तो निश्चत रूप से यह भारतीय रेलवे को समृद्धि प्रदान करेगा. किंतु अबतक के राजनेताओं ने इसके विकास की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की.
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