नक्सलियों के खिलाफ भीमबांध जंगल में चला सर्च ऑपरेशन
मुंगेर : मुंगेर-जमुई के सीमावर्ती भीमबांध जंगल में हार्ड कोर नक्सली व नक्सली संगठन के बड़े नेताओं के जमावड़े की सूचना पर रविवार को डीआइजी मनु महाराज के नेतृत्व में भीमबांध जंगल में विशेष सर्च अभियान चलाया गया. हालांकि इस अभियान में कोई सफलता नहीं मिली.... लेकिन दर्जनों गांव पहुंच कर डीआइजी ने स्थानीय लोगों […]
मुंगेर : मुंगेर-जमुई के सीमावर्ती भीमबांध जंगल में हार्ड कोर नक्सली व नक्सली संगठन के बड़े नेताओं के जमावड़े की सूचना पर रविवार को डीआइजी मनु महाराज के नेतृत्व में भीमबांध जंगल में विशेष सर्च अभियान चलाया गया. हालांकि इस अभियान में कोई सफलता नहीं मिली.
लेकिन दर्जनों गांव पहुंच कर डीआइजी ने स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर पुलिस को मदद करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने इस दौरान बच्चों के बीच चॉकलेट, बिस्कुट एवं अन्य सामानों का भी वितरण किया.
जंगली क्षेत्र में जमे हैं दर्जन भर नक्सली लीडर: नक्सली संगठन के बड़े नेता मुंगेर, लखीसराय और जमुई जिले के जंगली क्षेत्र में कैंप किये हैं, जो अपने गिरते जनाधार को बचाने और बड़ी घटना को अंजाम देकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के फिराक में हैं.
सूत्रों की मानें तो नक्सली के बड़े नेता देव कुमार सिंह उर्फ अरविंद, बालेसर कोड़ा, सुरेश कोड़ा, अर्जुन कोड़ा और दूसरे राज्य के इनामी नक्सली लखडू अपने-अपने कैडरों के साथ मुंगेर रेंज के सीमावर्ती क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं.
पिंटू राणा अपनी पत्नी 25 लाख की इनामी करुणा देवी के साथ जमुई जिले में संगठन को सक्रिय करने में जुटा हुआ है. हाल के दिनों में नक्सलियों के इन बड़े नेताओं के कहने पर वीरू कोड़ा एवं प्रमोद कोड़ा पहाड़ से नीचे आकर रेकी में जुटा हुआ था, लेकिन इसी बीच पुलिस को सूचना मिली और एसटीएफ ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
डीआइजी ने ग्रामीणों से स्थापित किया संवाद: डीआइजी मनु महाराज, जमुई के प्रभारी एसपी राकेश कुमार, एएसपी अभियान राकेश कुमार, सीआरपीसी, कोबरा और एसएसबी जवान के साथ जमुई और मुंगेर के पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया.
मुंगेर के पहाड़ी क्षेत्र में एएसपी अभियान राणा नवीन और लखीसराय के पहाड़ी क्षेत्र में एएसपी अभियान जिले की पुलिस, सीआरपीसी, कोबरा और एसएसबी जवान की अलग टीम बनाकर छापेमारी कर रही थी.
डीआईजी ने नारकोल, भीमबांध, कालमेघ, कंदनी, राजासराय, जमुनियातरी, गुरमाहा, चोरमारा सहित एक दर्जन से अधिक गांव में सर्च ऑपरेशन किया. डीआइजी ने ग्रामीणों और खास कर वहां के युवाओं से संवाद स्थापित किया और उनके बीच घंटों समय बिताया.
वे ग्रामीणों के रहन-सहन और उनकी समस्याओं से भी रू-ब-रू हुए. साथ ही बच्चों के बीच भी कुछ समय बिताया. उन्होंने बच्चों को चॉकलेट, बिस्कुट, कॉपी, पेंसिल, स्टेल दिया. इसके कारण बच्चे उनके प्रति आकर्षित हुए. उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे नक्सलियों की सूचना पुलिस को दें और ऑपरेशन में सहयोग करें.
कहते हैं डीआइजी: डीआइजी मनु महाराज ने बताया कि नक्सलियों के डेरा डालने की सूचना पर कॉबिंग ऑपरेशन चलाया गया. यह लगातार चलता रहेगा. नक्सलियों की हर गतिविधि पर पुलिस की नजर है और हर समय उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है.
