मंडल कारा में बंद दिव्यांग कैदियों के लिए अलग से बनेगा कक्ष

मुंगेर : मंडल कारा मुंगेर में विभिन्न आरोपों में बंद दिव्यांग कैदियों के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है. दिव्यांगों के लिए सुविधाओं से लैस वार्ड का निर्माण कराया जायेगा. वहीं उनके लिए अलग से रैंप की व्यवस्था की जायेगी. इतना ही नहीं कैदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों के लिए भी रैंप व […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 18, 2019 4:43 AM

मुंगेर : मंडल कारा मुंगेर में विभिन्न आरोपों में बंद दिव्यांग कैदियों के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है. दिव्यांगों के लिए सुविधाओं से लैस वार्ड का निर्माण कराया जायेगा. वहीं उनके लिए अलग से रैंप की व्यवस्था की जायेगी. इतना ही नहीं कैदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों के लिए भी रैंप व अलग से मिलने की व्यवस्था की जा रही है.

मुख्यालय के निर्देश पर मुंगेर जेल के अधीक्षक जलज कुमार ने जहां डीएम को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी. वहीं भवन निर्माण विभाग को भी पत्र लिख कर वार्ड व रैंप निर्माण कराने को कहा है. मुंगेर जेल में दिव्यांग कैदियों के लिए भवन के निचले हिस्से में एक कमरा को रिजर्व रखा गया है. लेकिन वहां दिव्यांग कैदियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है.
इससे कैदियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यू तो वर्तमान में मुंगेर मंडल कारा में एक भी दिव्यांग बंदी नहीं है, लेकिन अगर दिव्यांग बंदी आते हैं तो उसे अलग से कक्ष मुहैया करा दी जाती है. लेकिन न तो उसके लिए रैंप की सुविधा होती है और न ही शौचालय की सुविधा. आम कैदियों की तरह ही वे मुंगेर जेल में समय काटते हैं.
कहते हैं जेल अधीक्षक: जेल अधीक्षक जलज कुमार ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर मुंगेर जेल परिसर में दिव्यांग मुलाकातियों के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है. इसके लिए रैंप व अन्य सुविधाओं का निर्माण व व्यवस्था कराया जायेगा. ताकि इनको अपने बंदी परिजन से मुलाकात करने में कोई परेशानी नहीं हो.
जेल में दिव्यांग बंदियों के लिए बनेगा अलग वार्ड
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कारा व सुधार सेवाएं निरीक्षणालय, गृह विभाग बिहार सरकार ने सभी जेल के अधीक्षकों को पत्र भेज कर कारा में दिव्यांग कैदियों के लिए अलग से वार्ड बनाने का निर्देश दिया है.
जेल अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जेल परिसर में ही दिव्यांग बंदियों के लिए एक अलग से बंदी कक्ष का निर्माण कराएं. उसके उपयोग के लिए उस कक्ष में एक प्रसाधन कक्ष का भी निर्माण कराया जाय. साथ ही उनके लिए रैंप का निर्माण कराया जाय. ताकि दिव्यांग बंदियों को कक्ष में आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हो.