मांग नहीं माने जाने पर इआरएमयू ने दी हड़ताल पर जाने की धमकी

फोटो संख्या : 21फोटो कैप्सन : गेट मीटिंग को संबोधित करते यूनियन नेता. प्रतिनिधि, जमालपुर इस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन कारखाना शाखा जमालपुर द्वारा गुरुवार को कारखाना के विभिन्न गेटों पर अवकाश के समय गेट मीटिंग की गयी. अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष राम नगीना पासवान ने की.अध्यक्ष ने कहा कि एआइआरएफ द्वारा रेल मंत्रालय से बार-बार मिल […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 21, 2015 10:04 PM

फोटो संख्या : 21फोटो कैप्सन : गेट मीटिंग को संबोधित करते यूनियन नेता. प्रतिनिधि, जमालपुर इस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन कारखाना शाखा जमालपुर द्वारा गुरुवार को कारखाना के विभिन्न गेटों पर अवकाश के समय गेट मीटिंग की गयी. अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष राम नगीना पासवान ने की.अध्यक्ष ने कहा कि एआइआरएफ द्वारा रेल मंत्रालय से बार-बार मिल कर रेलकर्मियों की जायज मांगों को मानने की मांग की गई. कई बार धरना प्रदर्शन भी किया गया. छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर लागू करने की मांग की गई, परंतु अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. शाखा मंत्री वीरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि विगत 28 अप्रैल को संसद भवन पर दस सूत्री मांगों को लेकर लाखों कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया. परंतु सरकार कंुभकरणी नींद में सोयी हुई है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे में सौ फीसदी एफडीआइ लागू करने पर आमादा है. श्रम कानून में बदलाव किया जा रहा है. आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है. रेल एवं रक्षा विभाग में निजीकरण को प्रश्रय दिया जा रहा है. उन्होंने सौ फीसदी महंगाई भत्ता को जोड़ने, श्रम कानून संशोधन, श्रम अधिनियम को वापस करने, बोनस की ऊपरी सीमा को रद्द करने, अंतरिम आर्थिक राहत देने तथा सेवा काल के दौरान न्यूनतम पांच पदोन्नति सुनिश्चित करने की मांग की. कहा कि ऐसा नहीं करने पर केंद्रीय कर्मी हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे. ओम प्रकाश साह, राजेंद्र प्रसाद यादव युगल किशोर यादव ने भी अपने विचार प्रकट किये. मौके पर रामानंद यादव, गोपाल जी सिंह, केएन विश्वास, बहावउद्दीन, सखीचंद मंडल, सुरेंद्र विश्वकर्मा सहित दर्जनों रेलकर्मी उपस्थित थे.

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