बंदोबस्ती में उपस्थित नहीं हो रहे जहाज मालिक

जहाज सेवा. गंगा घाट फेरी सेवा पर संकट, 28 अक्तूबर है डाक में भाग लेने की अंतिम तिथि मुंगेर राजघाट फेरी सेवा पर संकट का बादल मंडरा रहा है. गंगा रेल सह सड़क पुल निर्माण के बाद अगले वर्ष 1 जनवरी से फेरी सेवा की बंदोबस्ती उलझी है. नगर निगम द्वारा बंदोबस्ती के लिए जो […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

जहाज सेवा. गंगा घाट फेरी सेवा पर संकट, 28 अक्तूबर है डाक में भाग लेने की अंतिम तिथि

मुंगेर राजघाट फेरी सेवा पर संकट का बादल मंडरा रहा है. गंगा रेल सह सड़क पुल निर्माण के बाद अगले वर्ष 1 जनवरी से फेरी सेवा की बंदोबस्ती उलझी है. नगर निगम द्वारा बंदोबस्ती के लिए जो अधिसूचना जारी की गयी है उसके दो तिथि में कोई भी डाक में भाग लेने नहीं आये. जबकि अंतिम तिथि 28 अक्तूबर निर्धारित है. यदि शुक्रवार को भी डाक में भाग लेने के लिए कोई नहीं आये, तो नगर निगम को भारी आर्थिक नुकसान होगा.
मुंगेर : मुंगेर में गंगा नदी पर दशकों से फेरी सेवा का परिचालन होता रहा है और मुंगेर-खगड़िया-बेगूसराय के बीच आवागमन का मुख्य साधन रहा है. लेकिन इस वर्ष गंगा रेल सह सड़क पुल का निर्माण हो जाने के बाद फेरी सेवा के परिचालन पर संकट दिख रहा है. यूं तो पूर्व में इस फेरी सेवा के लिए बंदोबस्ती जिला नजारत से होता रही है. लेकिन पांच वर्ष पूर्व मुंगेर नगर निगम के आय स्त्रोत में वृद्धि के लिए बंदोबस्ती की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी गयी, जो निगम के आय का एक बड़ा स्त्रोत है. इस वर्ष भी फेरी सेवा से निगम को 16.17 लाख का आय प्राप्त हुआ है. लेकिन वर्तमान बंदोबस्ती की तिथि 31 दिसंबर 2016 को खत्म हो जायेगा. अगले वर्ष के लिए निगम द्वारा बंदोबस्ती की प्रक्रिया तो प्रारंभ की गयी है. किंतु उसमें फेरी संचालक सोच-समझ कर ही भाग लेना चाह रहे हैं.
ट्रेन परिचालन से बढ़ी चिंता : मुंगेर गंगा रेल पुल से जमालपुर-खगड़िया एवं जमालपुर-बेगूसराय के बीच ट्रेन का परिचालन प्रारंभ हुए सात माह हो गये. वर्तमान में ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना है. जिसके कारण जहाज से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आयेगी और जहाज के परिचालन पर भी प्रभाव पड़ेगा. यूं तो अभी सड़क मार्ग चालू होने में लंबा है समय है. इसलिए जहाज सेवा का परिचालन भी बाध्यता है.
रेल परिचालन शुरू होने के बाद घटी है स्टीमर संचालकों की रुचि
डाक वक्ता नहीं दिखा रहे रुचि
1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2017 तक के लिए मुंगेर एवं मुंगेर घाट के बीच गंगा नदी में स्टीमर संचालन के लिए बंदोबस्ती की निविदा निकाली गयी है. लेकिन अगले साल के बंदोबस्ती के लिए जहाज मालिक रुचि नहीं ले रहे हैं. डाक के लिए 20, 25 एवं 28 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की गयी थी. जिसमें 20 एवं 25 अक्तूबर को बंदोबस्ती के लिए एक भी व्यक्ति डाक में शामिल नहीं हुए. अब अंतिम तिथि 28 अक्तूबर निर्धारित है. यदि इसमें डाक वक्ता पहुंचेंगे,
तो उन्हें मुंगेर राज घाट फेरी सेवा करने की अनुमति प्रदान की जायेगी. डाक में भाग लेने के लिए सुरक्षित जमा राशि 16 लाख 17 हजार 832 रुपये निर्धारित है. जबकि जमानत राशि 4 लाख 4 हजार 458 रुपये है.
निगम की बढ़ सकती है परेशानी
नगर निगम मुंगेर जहाज घाट फेरी सेवा की बंदोबस्ती करती है. जिससे निगम को प्रतिवर्ष लगभग 16 लाख रुपये का आय प्राप्त होता है. यदि 28 अक्तूबर को होने वाले डाक में एक भी डाक वक्ता नहीं पहुंचते हैं तो निगम को लाखों रुपये राजस्व का घाटा हो सकता है. माना जा रहा है कि मुंगेर गंगा रेल पुल से ट्रेन परिचालन होने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है.
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