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प्रेस-पुलिस लिखे वाहनों की अब सघनता से होगी जांच, डीजीपी ने दिया आदेश

वाहनों पर प्रेस व पुलिस लिखना आज के दौर में स्टेटस सिंबल बन चुका है. सैकड़ों ऐसे मोटर साइकिल व चार चक्का वाहन सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिसका प्रेस और पुलिस से दूर-दूर तक लेना-देना नहीं है.

मुंगेर. वाहनों पर प्रेस व पुलिस लिखना आज के दौर में स्टेटस सिंबल बन चुका है. सैकड़ों ऐसे मोटर साइकिल व चार चक्का वाहन सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिसका प्रेस और पुलिस से दूर-दूर तक लेना-देना नहीं है. कई असामाजिक व आपराधिक तत्व भी पुलिस व प्रेस वाहनों पर लिखकर अवैध गतिविधियों को अंजाम तक दे रहे हैं. राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने एक नया आदेश निकालकर ऐसे वाहनों की सूक्ष्मता एवं सघनता से जांच कर यातायात नियमों सहित अन्य विधिक कार्रवाई का आदेश दिया है.

पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि ऐसा पाया जा रहा है कि कई वाहनों पर प्रेस, पुलिस, आर्मी एवं अन्य सांकेतिक शब्द, रजिस्ट्रेशन पट्टी पर अंकित कर उपयोग किया जा रहा है तथा वाहन पर कोई पुलिसकर्मी अथवा प्रेस कर्मी सवार नहीं रहते हैं. वाहनों पर प्रेस-पुलिस लिखकर असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृति के व्यक्तियों द्वारा अपराध और असामाजिक कार्य के लिए उपयोग किये जाने की संभावना प्रबल रहती है. ऐसी स्थिति में असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश एवं अपराध नियंत्रण के लिए यह आवश्यक है कि प्रेस-पुलिस लिखे वाहनों की सूक्ष्मता एवं सघनता से जांच कर यातायात नियमों सहित अन्य विधिक कार्रवाई की जाय.

प्रेस व पुलिस लिखे वाहनों का हो रहा गलत इस्तेमाल

मुंगेर. शहर में 100 से अधिक प्रेस व 100 से अधिक पुलिस लिखे वाहन सड़कों पर दिखाई देते हैं. प्रिंटिंग प्रेस से लेकर व्हाट्सेप ग्रूप, फेसबुक, टि्वटर एवं सोशल मीडिया पर फोटो व वीडियो डालने वालों ने खुद पत्रकार बन अपने वाहनों पर प्रेस लिखवा रखा है. शहर की सड़कों पर पुलिस व प्रेस लिखे वाहनों की भरमार है. शहर के कई पुस्तक व कपड़ा व्यवसायियों ने भी अपने वाहन पर प्रेस लिखवा रखा है. पुलिस व प्रेस लिखे दो या चार पहिये वाले वाहनों को चेकिंग में अक्सर पुलिस छोड़ देती है, जिसकी जांच अब आवश्यक हो गयी है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हथियार तस्करों द्वारा भी पुलिस लिखे वाहनों का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है. इतना ही नहीं जिसके परिवार में कोई पुलिसकर्मी नहीं है, वह भी बाइक पर पुलिस का लाल-ब्ल्यू का स्टीकर लगा कर सड़क पर फर्राटा भर रहा है.

मुंगेर का यूट्यूबर दोहरे हत्याकांड में हुआ था गिरफ्तार

मुंगेर. प्रोपर्टी डीलर सह कुख्यात अपराधी मंजीत मंडल एवं उसके चालक चंदन मंडल हत्याकांड में मुंगेर का यूट्यूबर अभिषेक मिश्रा को गिरफ्तार का जेल भेजा गया है. पुलिस ने यूट्यूबर अभिषेक को दोहरे हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया. जो लोगो, माइक, बड़ा सा आइ-कार्ड गले में टांग कर प्रेस लिखे स्कूटी से थाना-थाना घूमता रहता था. वह कई थानेदार व पुलिसकर्मियों का खास हो गया था. कमिश्नर, डीआइजी, डीएम, एसपी, एसडीपीओ के कार्यालय में जाकर उनका इंटरव्यू लेकर न्यूज जैसा वीडियो बनाकर व्हाट्सैप, फेसबुक, टि्वटर पर अपलोड कर देता था.

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