प्राकृतिक न्याय किसी भी न्याय व्यवस्था का आधार : डॉ मंजू लाल
सेवानिवृत प्रशासनिक पदाधिकारी डॉ मंजू लाल ने विद्यार्थियों को भारत में नारी सशक्तिकरण व कानून विषय पर विस्तृत जानकारी दी.
मुंगेर. विश्वनाथ सिंह विधि संस्थान, मुंगेर में बुधवार को विशेष कक्षा का आयोजन किया गया. जहां सेवानिवृत प्रशासनिक पदाधिकारी डॉ मंजू लाल ने विद्यार्थियों को भारत में नारी सशक्तिकरण व कानून विषय पर विस्तृत जानकारी दी. साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर कानून बनाने की आवश्यकता के पीछे छिपे कारणों पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों के विचारों को भी जाना. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक न्याय किसी भी न्याय व्यवस्था का आधार होता है. महिलाओं के अधिकारियों के संरक्षण के लिए तथा उनके सशक्तिकरण के लिए सरकार ने कई कानून बनाए हैं. इससे उनके जीवन में काफी बदलाव आया है. उन्हें हर चीज में बराबर का हक दिया गया है. यहां तक कि बिहार में उन्हें पंचायती राज संस्थाओं के अलावा अन्य सरकारी नौकरियों में भी 50 प्रतिशत तक आरक्षण का अधिकार दिया गया है. लेकिन इन दिनों महिलाओं को दिया गया यह अधिकार तथा उनके संरक्षण के लिए बनाए गए कानून का दुरुपयोग हो रहा है. अब महिलाएं इसका प्रयोग पुरुषों को प्रताड़ित करने में कर रही हैं. हर दिन इससे संबंधित मामले सामने आ रहे हैं, इस पर रोक लगनी चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि आखिर महिलाओं के सशक्तिकरण और उत्थान के लिए कानून बनाने की आवश्यकता क्यों महसूस की गई तथा इसके पीछे के क्या-क्या कारण हैं. इस पर विद्यार्थियों ने भी बेबाकी के साथ अपने-अपने विचारों को रखे. उन्होंने कहा कि महिला एक मां, एक सांस, बहू तथा बेटी कई रूपों में होती है. सभी की अपनी-अपनी अलग जिम्मेदारी व भूमिका होती है. एक परिवार के निर्माण में उनकी भूमिका काफी सशक्त होती है. कार्यक्रम का संचालन कॉलेज के प्राचार्य डॉ राजेश कुमार मिश्रा ने किया. मौके पर डा. नीरज कुमार शुक्ला, डा. कुंदन कुमार साह, डा. शैलेश कुमार मिश्रा, डा. जर्नादन यादव, किशोर कुमार सिन्हा, पवन कुमार झा सहित एलएलबी सेमेस्टर-1, 3 व 5 के विद्यार्थी मौजूद थे.
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