बिजली देंगे, पहले एस्सेल का बिल चुकता करे नगर निगम

नगर आयुक्त ने कहा एस्सेल पर डेढ़ अरब हाेल्डिंग टैक्स बकाया... शहर की बिजली समस्या पर आज डिप्टी मेयर के साथ होनी है वार्ता मुजफ्फरपुर : बिजली व पानी की समस्या पर नगर निगम तलब होने से पहले ही एस्सेल ने बिजली बिल की बकाया राशि भुगतान करने का दबाव नगर निगम पर बनाना शुरू […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 16, 2017 3:36 AM

नगर आयुक्त ने कहा एस्सेल पर डेढ़ अरब हाेल्डिंग टैक्स बकाया

शहर की बिजली समस्या पर आज डिप्टी मेयर के साथ होनी है वार्ता
मुजफ्फरपुर : बिजली व पानी की समस्या पर नगर निगम तलब होने से पहले ही एस्सेल ने बिजली बिल की बकाया राशि भुगतान करने का दबाव नगर निगम पर बनाना शुरू कर दिया है. इससे अब बिजली व पानी की समस्या का निदान होगा या नहीं. इस पर डिप्टी मेयर के साथ शुक्रवार को होनेवाली वार्ता से पहले ही संशय कायम हो गया है. गुरुवार को एस्सेल के बिजनेस हेड तारिक खान समेत अन्य अधिकारियों ने नगर आयुक्त रमेश प्रसाद रंजन से मिल अविलंब बकाया राशि भुगतान का आग्रह किया है.
एस्सेल ने निगम पर 70 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा ठोका है. इसमें 14 करोड़ रुपये एस्सेल के कार्यकाल का है. बाकी पैसा उससे पहले विद्युत बोर्ड के समय का है.
बिजनेस हेड ने कहा कि बिजली बिल की टैरिफ बढ़ गयी है. पहले से ही निगम पर आठ करोड़ से अधिक रुपये बकाया है. इस स्थिति में बकाया राशि में लगातार वृद्धि हो रही है. एस्सेल को महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है. जब
बिल का भुगतान समय पर नहीं होगा, तो ऐसे में कंपनी कहां से नियमित बिजली दे पायेगी. हालांकि, नगर आयुक्त ने कहा कि वे सरकार को पत्र भेज चुके हैं. राशि आवंटन के साथ एस्सेल के यहां जो एक अरब से अधिक होल्डिंग टैक्स बकाया है. इसके वसूली को लेकर भी मार्गदर्शन मांगा गया है. सरकार से मार्गदर्शन मिलने के बाद भुगतान की प्रक्रिया अपनायी जायेगी.
एस्सेल ने निगम से मांगे 70 करोड़
पहले भी हो चुका है विवाद
बकाया बिजली बिल व होल्डिंग टैक्स को लेकर नगर निगम व एस्सेल के बीच पहले दो-दो बार विवाद हो चुका है. पहली बार तत्कालीन नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा के समय बकाया बिल पर एस्सेल ने नगर निगम समेत पानी पंप व अन्य जगहों की बिजली काट दी थी. इसके बाद हाल फिलहाल में भी नगर आयुक्त आवास एवं निगम के प्रशासनिक भवन की बिजली काट दी. हालांकि, जब दोनों के बीच तना-तानी बढ़ी, तब फिर से एस्सेल ने लाइन काे जोड़ दिया. इस बीच निगम ने एस्सेल को तीन करोड़ से अधिक रुपये का भुगतान भी किया है.