55 हजार रुपये ने रोक रखा है 10 हजार छात्रों का रिजल्ट

विवि एक साल से नहीं कर रहा सॉफ्टवेयर कंपनी को भुगतान पीजी फोर्थ सेमेस्टर (सत्र 2013-15) के छात्रों का मामला मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विवि रिजल्ट बनाने वाली साॅफ्टवेयर कंपनी को 55 हजार रुपये का भुगतान नहीं कर रहा है. इसकी वजह से 10 हजार छात्रों का रिजल्ट फंसा हुअा है. मामला पीजी फोर्थ सेमेस्टर […]

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विवि एक साल से नहीं कर रहा सॉफ्टवेयर कंपनी को भुगतान

पीजी फोर्थ सेमेस्टर (सत्र 2013-15) के छात्रों का मामला
मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विवि रिजल्ट बनाने वाली साॅफ्टवेयर कंपनी को 55 हजार रुपये का भुगतान नहीं कर रहा है. इसकी वजह से 10 हजार छात्रों का रिजल्ट फंसा हुअा है. मामला पीजी फोर्थ सेमेस्टर (सत्र 2013-15) का है. यह भुगतान विवि पिछले एक साल से नहीं हो रहा है. जबकि पहले ही छात्रों के सत्र में देरी हो चुकी है. नियम से 2015 में रिजल्ट निकल जाना चाहिए था. लेकिन दो साल बाद भी विवि रिजल्ट के प्रकाशन में कोई रूचि नहीं ले रहा है. पीजी फोर्थ सेमेस्टर की परीक्षा डेढ़ साल पहले हो चुकी है.
छात्रों की कॉपी जांच में भी गड़बड़ी की बात सामने आयी थी. इसकी वजह से पहले ही रिजल्ट में देरी हो चुकी है. सूत्रों की मानें तो मौजूदा समय में कुछ विषय में छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन में फेल किया गया है, जिन्हें पास करने के लिए ग्रेस मार्क देने की बात हाे रही है.
अब तक नहीं किया भुगतान
जिस सॉफ्टवेयर कंपनी को विवि ने रिजल्ट बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी. उस कंपनी को विवि अब तक भुगतान नहीं कर सका है. इसकी वजह से कंपनी रिजल्ट को अपने पास रखे हुए है. जबकि भुगतान की रकम भी महज 55 हजार रुपये ही हैं. यहीं वजह कि लगातार रिजल्ट में देरी हो रही है. इसके बाद भी विवि इस पर ध्यान नहीं दे रहा है. इस मामले में वीसी डॉ अमरेंद्र नारायण यादव ने बताया कि भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. जल्द ही कंपनी की बकाया राशि का भुगतान कर दिया जायेगा.
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