मुजफ्फरपुर: नगर निगम में सरकार बदल गयी है, लेकिन कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं हुआ है. प्रशासनिक काम में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार ने बिना टेंडर कोई भी ठेका नहीं देने का निर्देश दे रखा है. लेकिन नगर निगम ने कागजी कार्रवाई पर ही शहर में विज्ञापन करने का ठेका एजेंसियों को दे दिया है.
इन एजेंसियों ने शहर में जगह-जगह पोल लगा कर बड़े-बड़े होर्डिंग-बैनर लगा दिये हैं. इसमें सबसे ज्यादा विज्ञापन एजेंसी पटना की है. शहर की मात्र एक एजेंसी है. हालांकि, मामला उजागर होते ही मंगलवार की शाम आनन-फानन में नगर आयुक्त रमेश प्रसाद रंजन ने विज्ञापन शाखा के प्रभारी टैक्स दारोगा उमेश कुमार को हटा दिया है. फिलहाल विज्ञापन शाखा का पूर्ण प्रभार वरीय टैक्स दारोगा अशोक कुमार सिंह को सौंपने का निर्देश दिया गया है.
40 जगहों पर लगाये जाने हैं सीसीटीवी कैमरे : शहर में 40 जगहों पर सीसीटीवी लगाने के लिए पटना की एक एजेंसी को ठेका दिया गया है. सीसीटीवी लगाने की मंजूरी जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से दी गयी है. लंबे समय तक प्रक्रिया के बाद निगम ने एनओसी दिया. इसके बदले एजेंसी ने निगम को वित्तीय वर्ष 2017-18 में सिर्फ 3.64 लाख रुपये जमा कराये. हालांकि, इन पांच एजेंसियों ने कहीं भी सीसीटीवी नहीं लगा रही हैं.
इन एजेंसियों से एक वर्ष के लिए जो राशि तय की गयी है, वह सीसीटीवी लगानेवाली एजेंसियों से काफी कम है.
डिप्टी मेयर ने जतायी आपत्ति सरकार से करेंगे शिकायत
डिप्टी मेयर मानमर्दन शुक्ला ने बिना टेंडर एजेंसियों को शहर में विज्ञापन की जिम्मेदारी देने पर आपत्ति जतायी है. उन्होंने इसके खिलाफ सरकार से शिकायत करने की भी बात कही है. डिप्टी मेयर ने कहा कि जब सरकार यह तय कर चुकी है कि बिना टेंडर वसूली का कोई काम नहीं होगा, तो फिर निगम कैसे निजी एजेंसियों को शहर में कमाई करने का ठेका दे रहा है. यह गंभीर विषय है.
ठेका पर सब्जी मंडी की वसूली करायेगा निगम
शहर के सब्जी मंडी को ठेका पर वसूली के लिए नगर निगम टेंडर निकाल दिया है. शहर के घिरनी पोखर, जवाहरलाल रोड सब्जी बाजार का टेंडर निकाला है. इसके अलावा ऑटो पड़ाव व आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए भी टेंडर निकाला है. नगर आयुक्त रमेश प्रसाद रंजन ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी की है. 19 सितंबर को टेंडर प्रक्रिया को फाइनल किया जायेगा.