मुजफ्फरपुर: देश की सबसे वीआइपी मानी जानेवाली राजधानी एक्सप्रेस में भी यात्र सुरक्षित नहीं है. बुधवार को नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ (डाउन 12236) राजधानी एक्सप्रेस में चोरों ने धावा बोला. तीन बोगियों में यात्रियों को निशाना बनाते हुए करीब दो लाख से अधिक की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया. इससे आक्रोशित यात्रियों ने राजधानी एक्सप्रेस को मुजफ्फरपुर जंकशन पर लगभग पौने तीन घंटे तक रोके रखा. सुबह 4.10 बजे जंकशन पर पहुंची. गाड़ी 6.50 बजे खुली. यात्रियों ने जीआरपी पोस्ट पर भी जम कर हंगामा किया. जीआरपी अध्यक्ष प्रमोद कुमार व आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर अविनाश करोसिया को भी यात्रियों के आक्रोश को झेलना पड़ा.
जीआरपी थानाध्यक्ष ने पीड़ित यात्रियों के बयान पर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की. घटना की सूचना पर रेल एसपी विनोद कुमार भी जंकशन पहुंचे. पूरे घटना की समीक्षा करते हुए चोरों की गिरफ्तारी का निर्देश दिया.
नकद समेत कैमरे तक की चोरी : चोरों ने राजधानी एक्सप्रेस के कोच बी-9,बी-10, बी-11 में यात्र कर रहे यात्रियों को निशाना बनाया. कोच बी -10 के बर्थ संख्या -42 पर यात्र कर रहे चिदानंद धर का बैग गायब कर दिया, जिसमें दो कैमरे, सात हजार नकद के अलावा एटीएम बॉक्स, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व कपड़े थे. साथ ही कई और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी थे. इसी बोगी में यात्र कर रहे मनमोहन सिंह का चोर बैग ले गये, जिसमें चार हजार रुपये नकद रखे थे.
बी -9 में यात्र कर रहे मृदुल नाथ के दो हजार रुपये नगद सहित पैन कार्ड, डीएल, एटीएम कार्ड व एक बैग को चोरों ने गायब कर दिया. बी-11 में यात्र कर रहे भारत चंद्र दास के पांच हजार नगद रुपये सहित कई अन्य कीमती सामान चोरी कर लिये. आवेदन में चोरी की जगह के बारे में चर्चा नहीं की गयी है. इधर, गोलाघाट असम निवासी चिदानंद ने फोन पर बताया, बुधवार की अहले सुबह बोगी में चोरी की बात सुनी, फिर जब अपना सामान देखा तो गायब था. इस पर उन्होंने टीटीइ को जानकारी भी दी, लेकिन वह यात्रियों की बात मानने को तैयार नहीं थे.
कोच कंडक्टर ने नहीं सुनी शिकायत : राजधानी में चोरों से पीड़ित चिदानंद व अन्य यात्रियों ने बताया, चोरी की घटना के बाद बोगी कंडक्टर एसके मलहोत्र को सूचना दी, लेकिन वे घटना की छानबीन करने के बजाय चुप बैठे रहे. मुजफ्फरपुर जंकशन से जैसे ही ट्रेन खुली तो यात्रियों ने हंगामा करना शुरू दिया. चेन पुल कर ट्रेन को रोक दिया. इसकी सूचना के बाद जंकशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर पहुंचे जीआरपी व आरपीएफ के अधिकारियों ने काफी देर तक समझाया बुझाया, लेकिन यात्री चोरों की गिरफ्तारी पर अड़े रहे.
आरक्षण चार्ट के आधार पर छानबीन: जीआरपी राजधानी में हुई चोरी की घटना की जांच हर एंगिल से कर रही हैं. इसमें उन यात्रियों के बारे में भी जानकारी हासिल की जा रही है, जो मुजफ्फरपुर व इससे पहले के स्टेशनों पर उतरे हैं. इनकी जांच आरक्षण चार्ट के आधार पर की जा रही है.
खुली सुरक्षा की पोल: राजधानी एक्सप्रेस में चोरी की घटना से सुरक्षा की पोल खुल गयी है. मुजफ्फरपुर होकर डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस सप्ताह में एक बार गुजरती है. ऐसे में सुरक्षा बलों की जिम्मेवारी और बढ़ जाती है, लेकिन देश की सबसे प्रतिष्ठित ट्रेन की सुरक्षा व्यवस्था किस तरह से लचर है. ये बुधवार की घटना से साबित हो गया है.
आरपीएफ जवानों पर गिरेगी गाज!
राजधानी के तीन बोगियों में हुई चोरी की घटना के बाद स्कॉट कर रहे जवानों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है. अब तक हुई प्रारंभिक जांच में जवानों की ड्यूटी में लापरवाही उजागर हुई है. वीवीआइपी ट्रेन में सुरक्षा के लिए दारोगा समेत ग्यारह जवानों की ड्यूटी थी, लेकिन घटना के समय कोई भी जवान मौके पर नहीं पहुंचा. यात्रियों का कहना है, सुरक्षा बल कहा थे. इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है. वहीं, बताया जा रहा है, हाजीपुर से ट्रेन में तीन अतिरिक्त जवानों की ड्यूटी लगी थी, जिनके बारे में पता चला है, वह ट्रेन में चढ़े ही नहीं थे. इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. वहीं, जीआरपी सूत्रों का कहना है, सुरक्षा बलों की कमी की वजह से ट्रेनों में तय मानक के हिसाब से सुरक्षा नहीं दी जा पा रही है.