ताला तोड़ पुलिस ने बचायी जान
मुंबई के लोखंडवाला जैसी हो सकती थी घटना, मिठनपुरा के तीनकोठिया का मामला
मुजफ्फरपुर : मिठनपुरा थाने के तीनकोठिया साबरी भवन के बंद कमरे में दो दिनों से मौत से जूझ रही बुजुर्ग महिला फिरोजा बेगम की पुलिस ने घर का ताला तोड़ जान बचायी. मोहल्ले के लोगों की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची थी. महिला को इलाज के लिए पास के ही खाल्दा होदा हॉस्पिटल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए एसकेएमसीएच रेफर कर दिया. लेकिन, मोहल्ले के लोगों ने बेहतर इलाज के लिए प्रसाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया है,
जहां आइसीयू वार्ड में उनका इलाज चल रहा है. स्थानीय लोगों का कहना था कि शहर में भी मुंबई के पॉश इलाके लोखंडवाला जैसी घटना होने से बच गयी. बता दें कि अगस्त माह में अमेरिका से डेढ़ साल के बाद मुंबई लौटने पर रितुराज को उसकी 63 वर्षीया मां का कंकाल मिला था.
दो दिनों से घर का नहीं खुला था ताला
महिला के मुंह से निकल रहा था खून. पुलिस जब घर का ताला खुलवा कर अंदर गयी, तो फिरोजा अचेतावस्था में बेड पर लेटी हुई थीं, उनके मुंह से खून निकल रहा था. पुलिस ने धड़कन चेक किया, तो चल रहा था. पुलिस ने तुरंत उन्हें डॉक्टर के पास भेज दिया.
बंद घर में 10 माह पहले दम तोड़ चुकी है एक महिला
पुरानी बाजार में 10 माह पूर्व सहारा इंडिया के एक एजेंट की बूढ़ी मां की बंद कमरे में मौत हो गयी थी. चार दिन बाद शव से उठ रही दुर्गंध के बाद मोहल्ले के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी. नगर पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ कर महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था. इस घटना में भी महिला के बेटे व बहू के खिलाफ मोहल्ले के लोग खड़े हो गये थे. उनका कहना था कि पानी व खाना के लिए तड़पा-तड़पा कर उसकी जान ले ली गयी.