बाढ़पीड़ितों का मसीहा बना शत्रुघ्न, छह माह बाद जीती लड़ाई

नजराना न मिलने पर अफसरों ने 70 पीड़ितों को लाभ से किया था वंचित शत्रुघ्न सहनी ने लोक शिकायत दायर कर लड़ी पीड़ितों की लड़ाई मुजफ्फरपुर : बाढ़ राहत वितरण में बिचौलियों ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर खूब खेल खेला. इसमें शिकार हुए औराई प्रखंड के आलमपुर सिमरी पंचायत स्थित धसना गांव के 70 […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 6, 2018 9:27 AM
नजराना न मिलने पर अफसरों ने 70 पीड़ितों को लाभ से किया था वंचित
शत्रुघ्न सहनी ने लोक शिकायत दायर कर लड़ी पीड़ितों की लड़ाई
मुजफ्फरपुर : बाढ़ राहत वितरण में बिचौलियों ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर खूब खेल खेला. इसमें शिकार हुए औराई प्रखंड के आलमपुर सिमरी पंचायत स्थित धसना गांव के 70 से अधिक लोग. पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए गांव के शत्रुघ्न सहनी ने अकेले ही लड़ाई लड़ी. मामला जब तूल पकड़ा तो बिचौलियों से उसे धमकी मिलनी शुरू हो गयी. लेकिन छह माह के संघर्ष के बाद आखिरकार अधिकारियों को झूकना पड़ा. सभी वास्तविक पीड़ितों को राहत राशि का भुगतान कर दिया गया.
शत्रुघ्न सहनी ने लोक शिकायत निवारण कोर्ट में मामला दायर कर पूरे मामले के जांच की मांग कर दी. लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी डॉक्टर रंगनाथ चौधरी ने प्रखंड के बीडीओ को तलब किया. नोटिस जारी होने पर बीडीओ तो उपस्थित नहीं हुए, अलबत्ता राहत राशि से वंचित पीड़ितों की सूची दोबारा बनने लगी.
एक तरफ सूची बन रही थी, दूसरी तरफ शत्रुघ्न सहनी पर मुकदमा वापस लेने के लिए लालच भी दिया जा रहा था. इनकार किया तो दबाव दिया जाने लगा. अंततः तीसरी नोटिस जारी होते ही अधिकारियों व बिचौलियों के हाथ पांव फूलने लगे. तीसरी नोटिस पर हाजिर होने की जगह बीडीओ ने राहत राशि से वंचित शत्रुघ्न सहनी सहित 70 लोगों के खाते में राशि डाल दी.
पीड़ित शत्रुघ्न सहनी ने बताया कि बाढ़ राहत के नकद अनुदान वितरण में जम कर खेल हुआ है. जिनका कोई नुकसान नहीं हुआ, वे भी नजराना के बदौलत नकद अनुदान लेने में सफल रहे, वहीं जो वास्तविक पीड़ित हैं, उन्हें अनुदान से वंचित किया गया है.