एईएस वार्ड खुला, डॉक्टर और नर्स का बना रोस्टर
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डॉक्टरों का तर्क सरकार की ओर से बनायी गयी एसओपी के अनुसार ही पहले से अबतक इलाज किया जाता रहा है
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एईएस वार्ड खुला, डॉक्टर और नर्स का बना रोस्टर मुजफ्फरपुर : अज्ञात एइएस, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से पांच बच्चों की मौत के बाद हरकत में आये स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जन डॉ ललिता सिंह को फोन करके बंद पड़े सदर अस्पताल के एइएस वार्ड को शुक्रवार को खुलवा दिया. सीएस ने वार्ड खुलवाने के साथ-साथ […]

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मुजफ्फरपुर : अज्ञात एइएस, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से पांच बच्चों की मौत के बाद हरकत में आये स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जन डॉ ललिता सिंह को फोन करके बंद पड़े सदर अस्पताल के एइएस वार्ड को शुक्रवार को खुलवा दिया. सीएस ने वार्ड खुलवाने के साथ-साथ डॉक्टरों व नर्सों की भी प्रतिनियुक्ति कर दी है. सोमवार से लेकर रविवार तक डॉक्टर व नर्स का रोस्टर बनाया गया है. अस्पताल प्रबंधक प्रवीण कुमार ने वार्ड की सफाई के बाद उसमें चादर व दवा उपलब्ध करा दी है. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय उपनिदेशक ने वार्ड में डॉक्टर व पारामेडिकल स्टाफ को ड्यूटी पर लगाने की बात कही थी. इसके बाद अस्पताल में यह व्यवस्था शुरू हो सकी.
उन्होंने कहा कि एइएस वार्ड में डॉ अनिल कुमार सिंह, कन्हैया प्रसाद, डॉ अभिषेक तिवारी, डॉ नवीन कुमार, डॉ एस के पांडेय, डॉ नरेश कुमार, डॉ एसके पांडेय को रोस्टर के अनुसार ड्यूटी दी गयी है. वहीं, पारा मेडिकल स्टाफ में तनुजा कुमारी, मंजू कुमारी, रीता कुमारी, माला सिन्हा, प्रिया कुमारी, सुमन कुमारी, नीलम, रंजना कुमारी, संगीता, सुमित्रा आदि की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगायी गयी है. यह वार्ड 24 घंटे खुला रहेगा.
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