टैक्स नहीं जमा कर रहे स्वर्ण व्यवसायी, होगी कार्रवाई

मुजफ्फरपुर: मुख्यालय के निर्देश के अनुसार सेल टैक्स विभाग ने शनिवार को स्वर्ण व्यवसायियों के साथ विभाग के सभाकक्ष में बैठक की. बैठक को संबोधित करते हुए पश्चिमी अंचल के प्रभारी सुजय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि स्वर्ण व्यवसायी अपेक्षाकृत टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं. सूबे में सोना चांदी के बेहतर व्यवसाय के बावजूद […]

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मुजफ्फरपुर: मुख्यालय के निर्देश के अनुसार सेल टैक्स विभाग ने शनिवार को स्वर्ण व्यवसायियों के साथ विभाग के सभाकक्ष में बैठक की. बैठक को संबोधित करते हुए पश्चिमी अंचल के प्रभारी सुजय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि स्वर्ण व्यवसायी अपेक्षाकृत टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं. सूबे में सोना चांदी के बेहतर व्यवसाय के बावजूद भी राजस्व कम मिल रहा है. ओड़िशा जैसे पिछड़े राज्य में भी सेल टैक्स का वार्षिक कलेक्शन 20 करोड़ है. जबकि भौगोलिक व सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बिहार में राजस्व 3-4 करोड़ तक सिमट गया है, जिसमें 12 बैंकों की ओर से बेचे गये सोने के सिक्कों का टैक्स भी है.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 में इस व्यवसाय को 38 लाख का टैक्स मिला है, जिसमें 12 लाख बैंक से मिला है. राजस्व संग्रहण में तेजी लाने के लिए विभाग ने वर्ष 2005 में सोने के आभूषणों पर दो फीसदी से टैक्स घटा कर एक फीसदी कर दिया था. बावजूद स्वर्ण व्यवसायी टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं. टैक्स जमा करने में उनकी उदासीनता बनी रही तो विभाग उन पर बड़ी कार्रवाई कर सकता है. इसके जिम्मेवार वे खुद होंगे.

पूर्वी अंचल प्रभारी मार्केडय़ ओझा ने कहा कि हर साल ग्रोथ रेट बढ़ता है, लेकिन टैक्स कम होता जाता है. बहुत सारे व्यवसायी ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले वर्ष से भी कम टैक्स जमा किया है. जबकि खरीदारी खूब हो रही है. श्री ओझा ने कहा कि दोनों अंचलों को मिला कर इस व्यवसाय से 30 करोड़ का टैक्स निर्धारित है. इसके लिए व्यवसायियों को आगे आना होगा. मौके पर पश्चिमी अंचल के सहायक आयुक्त मुकेश कुमार वर्मा ने भी व्यवसायियों को प्रोत्साहित किया. बैठक में आइबी के वैद्यनाथ प्रसाद, देवानंद शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे.

सूबे में महज 1526 कारोबारी निबंधित

सेल टैक्स विभाग में सूबे के महज 1526 व्यवसायी निबंधित है. जबकि शहर में ही सर्राफा दुकानों की संख्या एक हजार से अधिक है. पूरे जिले की बात करें तो करीब पांच हजार दुकानें है. इस लिहाज से देखा जाए तो सूबे में जितने प्रतिष्ठान निबंधित है, उसका चौगुना प्रतिष्ठान जिले में है. लेकिन निबंधन नहीं होने के कारण विभाग को टैक्स नही मिल रहा है. विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही इसके लिए सर्वे कर प्रतिष्ठानों को निबंधित किया जायेगा. इसके लिए सर्राफा संघ से भी सहयोग लेंगे.

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