मुजफ्फरपुर : हार्डकोर नक्सली गोविंद सहनी ने बुधवार को सरेंडर कर दिया. दो माह से विशेष शाखा व एसएसबी उसे सरेंडर कराने के लिए मशक्कत कर रही थी. मुजफ्फरपुर-वैशाली सबजोन से जुड़ा गोविंद एएसपी अभियान विमलेश चंद्र झा के कार्यालय में एसएसबी 31 बटालियन के कमांडेंट अनिल कुमार और एसएसबी के ‘ई’ कंपनी 32 बटालियन कंपनी कमांडर कुमार ऋतुराज के समक्ष सरेंडर किया . मीनापुर के पानापुर ओपी पुलिस ने उसे देर शाम जेल भेज दिया है.
पिटाई का बदला लेने के लिए बना नक्सली
गोविंद ने कहा कि उसके पंचायत के मुखिया ने चोरी का आरोप लगा कर बेरहमी से पिटाई की थी. शिकायत करने पर भी पुलिस ने मदद नहीं की. वह मुखिया से बदला लेना चाहता था. इसी बीच उसकी मुलाकात रोहित सहनी और अनिल राम से हुई.
लेवी वसूली भी की
रोहित ने उसके मुसाफिर सहनी से मिलवाया. उसने मुखिया से बदला लेने का आश्वासन दिया. इसके बाद वह संगठन में शामिल हो गया. वह लेवी वसूली से लेकर नक्सली वारदातों को अंजाम देने लगा.
मुख्य धारा में शामिल होने की अपील
आत्मसमर्पण के बाद गोविंद ने अपने नक्सली साथियों को मुख्य धारा में लौटने की अपील की है.
उसने कहा कि संगठन के नेता किसी भी नक्सली को मुसीबत के दौरान साथ नहीं देते. पकड़े जाने,नक्सली वारदात के दौरान घायल होने या बीमार पड़ने पर सहायता करने के बजाय अपमानित किया जाता है. ऐसी परिस्थिति में कर्ज लेकर नक्सली अपने समस्या का समाधान करते है.
वैशाली िनवासी की कर चुका है हत्या
वह वैशाली जिले के पातेपुर सुक्की गांव का है. उस पर पातेपुर के उपप्रमुख उमेश सिंह और उनके पुत्र की हत्या, वर्ष 2013 में कुढ़नी के पैक्स अध्यक्ष प्रदीप यादव के पुत्र प्रभाष कुमार और भाई लक्ष्मी राय की हत्या,इसी वर्ष कुढ़नी में भठ्ठा उड़ाने, सकरा स्थित जेकेएम कंस्ट्रक्शन कंपनी के बेस कैंप पर हमला कर वाहनों को जलाने, मोतीपुर स्थित सीएनसी निर्माण कंपनी के बेस कैंप को उड़ाने,कुढ़नी स्थित गैमन इंडिया के बेस कैंप को जलाने,वर्ष 2016 में तुर्की रेलवे स्टेशन के समीप कैंप को उड़ाने, सकरा में लाल किशोर सहनी के चिमनी को उड़ाने में शामिल नक्सली गोविंद पर प्राथमिकी दर्ज है.